In Emergency of Snake bite – Know what to do and what not to do?

सांप एक ऐसा प्राणी है| जिसका नाम सुनते ही या फिर उसको देखते ही लोगों के मन में भय उत्पन्न हो जाता है| लेकिन दुनिया का कोई भी सांप आप को बिना छेड़े नहीं काटेगा और जो भी सांप काटने कि अधिकतर घटनायें होती है वो गलती से उन पर पैर पड़ जाने के कारण होती है| आप की जानकारी के लिए हम बता दे कि दुनिया में सांप की 2500 से अधिक प्रजातिया पायी जाती है इसमें से करीब 500 सांप जहरीले होते है| लेकिन उन 500 प्रजातियों में से कई ऐसी प्रजातियां हैं जिनका जहर इतना खतरनाक होता है कि उनके थोड़े से जहर से ही आदमी मर जाता है| लेकिन कई ऐसी जहरीली प्रजातियां भी है, जो कि इंसानो के लिए खतरनाक नहीं है| उसी प्रकार भारत में भी सांप की लगभग 300 प्रजातियां पायी जाती है जिसमे केवल 50 प्रजातियां ही जहरीली है और इनमे से लगभग 15 प्रजातियों के सांप के काटने से ही मनुष्य की मौत हो सकती है| इसलिए जरुरी नहीं है कि सांप के काटने से किसी भी मनुष्य की मौत हो ही जाए| अगर सांप के काटने पर हम कुछ विशेष बातों का ध्यान रखे तो उस मनुष्य को बचाया भी जा सकता है|

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको यह बताने जा रहे है कि अगर आपके घर में या फिर आस-पड़ोस में किसी को सांप काट ले तो उसका प्राथमिक उपचार क्या होता है? और उसके लक्षण क्या है?

सांप के काटने के लक्षण (kaise pata kare ki saap ne kata hai) -:

  • अगर जहरीला सांप काटता है तो उसके दांतो के दो निशान मनुष्य के शरीर पर बन जाता है लेकिन अगर गैर विषैला सांप काटता है तो उसके दांतो के दो से अधिक निशान बने होते है|
  • सांप के काटने पर मनुष्य की पलकें भारी होने लगती है और उसे नींद आने लगती है|
  • उसके बाद धीरे-धीरे मरीज को सांस लेने में भी परेशानी होने लगती है|
  • मरीज के मसूड़ों से खून भी निकलने लगता है|
  • सिर में बहुत तेज दर्द होना|
  • तेज बुखार का आना और शरीर का तापमान अनियंत्रित होना|
  • छाती में दर्द तथा जलन होना|
  • शरीर में सुजन और जकड़न का आना|
  • सांप काटने पर शरीर धीरे-धीरे नीला पड़ने लगता है|

सांप के काटने पर प्राथमिक उपचार (Saanp katne par prathmik upchar) -:

हमें उपलब्ध सुविधाओं, आहत व्यक्ति की हालत और परिस्थिति को देखकर ही प्राथमिक उपचार के तरीके ढूंढने होते हैं| जो कि इस प्रकार है-

  • सबसे पहले जिसे सांप ने काटा है उस व्यक्ति की घबड़ाहट को दूर करे ,क्योंकि उसे जितनी ज्यादा घबड़ाहट होगी उतनी तेजी से ही उसके शरीर में जहर फैलता जायेगा|
  • घायल को करवट पर सुला दे , जिससे उलटी हो तब भी उसकी श्वसन-तंत्र में न जाएँ|
  • मरीज को चलने न दे क्योंकि मांसपेशियों की रगड़ से जहर बहुत जल्दी पुरे शरीर में फैल सकता है|
  • अगर मरीज ने शरीर पर किसी भी प्रकार के गहने पहने हो तो उसे उतार दे और उसके जूते भी उतार दे|
  • उसके घाव से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करे|
  • घाव को लालदवा या साबुन से धोदे ताकि कुछ मात्रा में ही सही लेकिन जहर निकल जाये|
  • घाव से दो इंच ऊपर एक कपड़े या रस्सी की पट्टी बांध दे ताकि खून का संचार धीरे-धीरे हो और जहर जल्दी से पुरे शरीर में न फैले| लेकिन ये पट्टी 20 मिनिट के अन्दर ही बांधी जानी चाहिए| और इस पट्टी को ज्यादा कसकर नहीं बांधना चाहिए|
  • सांप का जहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका प्लास्टिक का इंजेक्शन होता है, अगर आपके पास कोई इंजेक्शन है तो आगे के सिरा जख्म के हिसाब से काट कर, मरीज़ के घाव से इंजेक्शन की सहायता से काले खून को धीरे धीरे खींच कर बाहर निकाले. जब तक डॉक्टर नहीं आ जाता तब तक मरीज़ को सोने न दे और ये प्रक्रिया दोहराते रहे.
  • जितनी जल्दी हो सके मरीज को अस्पताल ले जाने की कोशिश करे| ताकि उसको सही उपचार मिल सके|

saanp katne par क्या न करे -:

  • बहुत से लोगों का मानना है कि अगर सांप काट ले तो उस जगह पर चीरा लगा देना चाहिए| लेकिन ऐसा करना मरीज के लिए नुकसानदायक हो सकता है|
  • सांप के जहर को कभी भी चुसकर निकालने की कोशिश नहीं करना चाहिए|
  • जो हम घाव के पास पट्टी बांधते है उसे ज्यादा कसकर नहीं बांधना चाहिए|
  • अपने मन से किसी भी प्रकार की दवाई मरीज को नहीं देना चाहिए|