भारत : सामान्य परिचय

भारत नाम की उत्पति –

इस देश का भारत नाम, भरत एक प्राचीन सम्राट भरत जो कि हस्तिनापुर के राजा दुष्यन्त तथा रानी शकुन्तला के पुत्र एवं मनु के वंशज ऋषभदेव के सबसे बड़े बेटे थे और जिनकी कथा श्रीमद्भागवत महापुराण में है, के नाम से लिया गया है। महाभारत के आदि पर्व में भी सम्भव पर्व के 74 वें अध्याय के 131 वें श्लोक के अनुसार राजा दुष्यन्त और शकुंतला के पुत्र भरत के नाम पर इस भूखण्ड का नाम भारत पड़ा। एक व्युत्पत्ति के अनुसार भारत (भा + रत) शब्द का मतलब है आन्तरिक प्रकाश या विदेक-रूपी प्रकाश में लीन। एक तीसरा नाम हिन्दुस्तान भी है जिसका अर्थ हिन्द (हिन्दू) की भूमि, यह नाम विशेषकर अरब/ईरान में प्रचलित हुआ। था. जिसे ज्यादातर आक्रमणकरियो ने इस्तेमाल किया.

भारतवर्ष को वैदिक काल से “आर्यावर्त”, “जम्बूद्वीप” और “अजनाभदेश” के नाम से भी जाना जाता रहा है। बहुत पहले भारत का एक मुंहबोला नाम ‘सोने की चिड़िया’ भी प्रचलित था। क्युकी भारत के मंदिर और राजाओ के खजाने सोने, और रत्नो से भरे पढ़े थे। यहाँ जनता भी बहुत सुखी थी, ज्ञान चारो दिशाओं में फैला था जिसके फलस्वरूप ही वेदो, पुराण आदि लिखे गए जिन्हे ऋषियों मुनियो ने गुरुकुल परम्परा के द्वारा संभाल कर रखा था। भारत के पास वेद पुराण के रूप में इतना ज्ञान है जिसे साधारण मनुष्य अपने जीवन में सारा का सारा पढ़ नहीं सकता, पढ़ लेगा तो उसके अर्थ निकालना मुश्किल भी होगा। क्युकी ये ग्रन्थ बहुत ही वैज्ञानिक तरीके से लिखे गए है।

आज भारत के दो आधिकारिक नाम हैं- हिन्दी में भारत और अंग्रेज़ी में इण्डिया (India)। इण्डिया नाम की उत्पत्ति सिन्धु नदी के अंग्रेजी नाम “Indus” से हुई है।

क्या आप जानते है भारतवर्ष के महाभारतकालीन नक्शे के बारे मे?