हम सभी लोग जानते है कि रीठा का उपयोग बालों को धोने के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है| क्योंकि रीठा बालों के लिए वरदान है, (Reetha ke fayde for hair in Hindi) जब रीठा पानी के संपर्क में आता है तो वह साबुन के समान कार्य करता है इसलिए पुराने समय में तो गांव के लोग रीठा से बाल भी धोते थे क्योंकि उस समय शैम्पू नहीं हुआ करता था और साथ ही रीठा का उपयोग कपड़े धोने के लिए भी करते थे| इसके अलावा रीठा का उपयोग जड़ी-बूटी के रूप में भी किये जाता है क्योंकि इसके अंदर बहुत सारे रोगों को ठीक करने की क्षमता होती है जैसे – जोड़ों के दर्द ,अस्थमा ,दांत के रोग ,मिर्गी ,पिंपल्स ,बवासीर आदि|

Reetha ke Fayade -:

रीठा के अनेकों फायदे होते है ,जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते है| हम इन्ही फायदों के बारे आप सब को बताने जा रहे है जो इस प्रकार है –

  • बालों के लिए (Reetha for Hair)–

रीठा बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है (reetha ke fayde for hair in hindi) | ये बालों को काला ,घना ,लंबा ,चमकदार और मुलायम बनता है| तथा बालों से रुसी और जुओं को भी खत्म कर देता है| और बालो को स्वस्थ रखता है|

  • दांतो के लिए (Reetha for Teeth) –

आप को सुन के थोड़ा अजीब लगेगा कि रीठा दांतो के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है लेकिन रीठा के जो बीज होते है उन्हें तवे पर भूनकर पीस ले और उसमे पीसी हुई फिटकरी बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण तैयार कर ले| और इसे दांतो पर लगाये तो दांतो से संबंधित सारी बीमारी दूर हो जाती है|

  • त्वचा के लिए (Reetha for Skin) –

रीठा एक क्लीन्जर के रूप में कार्य करता है| जो हमारी त्वचा को साफ करके उसका रूखापन दूर करता है| और पिंपल्स को भी दूर हटाता है|

  • सूजन एवं जोड़ो के दर्द में (Reetha for Swelling and joint pain) –

रीठे के पानी से प्रभावित अंग को धोने से सूजन कम होती है और जोड़ो के दर्द में भी राहत मिलाती है|

  • माइग्रेन में (Reetha in Migraine)–

रीठे की छाल को रात भर पानी में डालकर रख दे और सुबह छान ले| तथा इस पानी को अपनी नाक में 1-2 बूंद डाले तो इससे माइग्रेन में राहत मिलती है|

  • धातु और खाद्य पदार्थ की धुलाई में ( Reetha for washing of metals and food items)–

रीठे का इस्तेमाल धातुओं को साफ करने और चमकाने के लिए किया जाता है| इसके अलावा रीठे से हरी इलायची का रंग ओर भी निखारा जा सकता है| तथा मिलावटी तेल को साफ किया जा सकता है|

  • गले का दर्द ,दमा और खांसी में (Reetha for Throat pain, asthma and cough)

रीठे के छिलके का चूर्ण बनाकर उसे शहद के साथ लेने से गले का दर्द ठीक हो जाता है| तथा रीठे के छिलके का काढ़ा बनाकर पीने से दमा और खांसी की बीमारी दूर हो जाती है|

  • दस्त व बवासीर में (Reetha in Diarrhea and piles)–

रीठे का इस्तेमाल दस्त व बवासीर की बीमारी को ठीक करने में भी किया जाता है| रीठे का काढ़ा बनाकर ,उसे ठंडा करके एक बोतल में रख ले ओर सुबह-शाम आधा कफ ले तो दस्त में आराम मिलता है| और बवासीर की समस्या भी काफी हद तक दूर हो जाती है|

  • बिच्छूदंश में (Reetha if Scorpion bite)–

बिच्छू के जहर को कम करने के लिए भी रीठे का उपयोग किया जाता है| इसके लिए रीठे की गिरी को पीसकर उसमे बराबर मात्रा में गुड मिलाकर उसकी छोटी-छोटी गोलियां बना ले और थोड़ी-थोड़ी देर में 2-3 गोली ले तो इससे बिच्छू का जहर उतर जाता है|

रीठे अनेक प्रकार के रोगों को ठीक करने में फायदेमंद तो होता है लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि जब भी हम रीठे का उपयोग जड़ी-बूटी के रूप में करे तो हमेशा उसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर ले ,और उचित मात्रा में ही इसका उपयोग करे| ताकि उससे किसी प्रकार की हानि न पहुचें| और आपको उसका पूरा लाभ मिले