यह बात तो सभी जानते है कि टेलीफोन के माध्यम से हम कहीं पर भी और किसी से भी बात कर सकते है| लेकिन अपने कभी ये सोचा है कि आखिर ये टेलीफोन कैसे और किसने बनाया होगा| तो आज हम आपको उसी वैज्ञानिक के बारे में बताने जा रहे है जिसने टेलीफोन को बनाया| उस वैज्ञानिक का नाम अलेक्जेंडर ग्राहम बेल है| ग्राहम बेल को वैसे तो टेलीफोन के आविष्कारक के रूप में ही जाना जाता है लेकिन उन्होंने इसके अलावा भी बहुत सारे आविष्कार किये है जैसे- बेल व डेसिबल यूनिक ,मेटल-डिटेक्टर आदि|

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के जीवन से संबंधित जानकारी –

  • अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का जन्म 3 मार्च 1847 को स्कॉटलैंड में हुआ था|
  • उनके पिता का नाम अलेक्जेंडर मेलविल्ले बेल व माता का नाम एलिजा ग्रेस सिमोंड्स था| उनकी माता को सुनाई नहीं देता था|
  • बेल की पत्नि का नाम मैबल हूबार्ड था ,और उनके चार बच्चे थे|
  • बेल ने अपनी प्रारम्भिक पढाई स्कॉटलैंड के एडिन्बुर्ग रॉयल हाई स्कूल में की थी|
  • उनके 2 बड़े भाई थे ,जिनकी मृत्यु बीमारी के कारण बहुत कम उम्र में ही हो गई थी|
  • बेल को कला व संगीत का भी अच्छा ज्ञान था और यह सब उन्होंने अपनी माता से सीखा था|
  • 1871 में बेल ने अमेरिका के बोस्टन शहर में बधिरों के स्कूल “ बोस्टन स्कूल ऑफ द डैफ “ में शिक्षक की नौकरी की|
  • ग्राहम बेल बचपन से ही ध्वनी विज्ञान में बहुत रूचि रखते थे|

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टेलीफोन का आविष्कार कैसे हुआ –

ग्राहम बेल को ध्वनि विज्ञान का अच्छा ज्ञान होने के कारण वे एक ऐसे यंत्र का आविष्कार करना चाहते थे कि अगर कोई एक व्यक्ति अपने से बहुत दूर बैठे दुसरे व्यक्ति से बात करना चाहे तो उस यंत्र के माध्यम से बात कर सके| जब बेल बोस्टन के विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे थे ,तो पढ़ाने के साथ-साथ हार्मोनिक टेलीग्राफ़ पर रिसर्च भी कर रहे थे| कड़ी मेहनत के कारण वे इस रिसर्च में कामयाब भी हो गये| इस टेलीग्राफ़ के माध्यम से एक तार पर एक ही समय में एक साथ कई टेलीग्राफ़ संदेशों को भेज सकते थे| इस रिसर्च को करते हुए ग्राहम बेल के मन में एक विचार आया कि तार के माध्यम से अगर व्यक्ति की आवाज को भी भेजा जा सके तो कितना अच्छा होगा| इस विचार के साथ ही ग्राहम बेल अपने सहयोगी वाटसन के साथ इस पर कार्य करने लगे| वे इस यंत्र को बनाने के लिए लगातार प्रयास करते गये| तारो को अलग-अलग तरह से जोड़कर देखते गये कि वह दिन कब आयेगा ,जब उनका यह सपना पूरा होगा| एक दिन ग्राहम बेल व वाट्सन दो अलग-अलग कमरे में इस रिसर्च पर कार्य कर रहे थे , तभी बेल को अचानक वाट्सन की सहायता की जरूरत पड़ी तो बेल ने कहाँ- “ मिस्टर वाट्सन यहा आओं ,मुझे आपकी सहायता चाहिए| ” ग्राहम बेल द्वारा कहे गये इन शब्दों को वाट्सन ने उस तार के माध्यम से सुन लिया| यह सुनकर वे बहुत खुश हुए और बेल से कहा मुझे आपकी आवाज उस कमरे में तार के माध्यम से सुनाई दे रही है| इतना सुनकर ही दोनों लोग खुशी से उछल पड़े ,क्योंकि आज उनकी मेहनत सफल हो गई थी ,और उन्होंने जो सोचा था ,वह पूरा हो गया| इस प्रकार 10 मार्च 1876  को ग्राहम बेल ने दुनिया के पहले टेलीफोन का आविष्कार किया था|

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का निधन –

ग्राहम बेल का निधन डायबटीज की बीमारी के कारण 02 अगस्त 1922 को हो गया था| उस दिन हमने एक ऐसे वैज्ञानिक को खो दिया ,जिसने अपने जीवन में कई आविष्कार किये तथा संचार की दुनिया में एक नई क्रांति ला दी थी|