कैसे सुधारें बच्चे का व्यवहार? या बच्चों को कैसे पढ़ाए?

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शीलू राजावत / दिल्ली ::  Here you will know that how to teach any language or subjects. Also you will know that how to teach a child to read words /alphabets. How to teach a kid to study with modern techniques.

माता – पिता की एक ही इच्छा होती है कि उनका बच्चा पढ़ लिख कर एक अच्छा आदमी बने | इसके लिए वह अपने बच्चो को अच्छे स्कूल में डालता है ,लेकिन केवल अच्छे स्कूल में डालने से कुछ नहीं होता है हमे अपने बच्चों को सही तरीके से पढ़ाना भी होता है और इस के लिए माता – पिता को बहुत मेहनत करनी होती है क्योंकि स्कूल जाने से पहले बच्चें अपने माता – पिता से ही घर पर बहुत कुछ सीखते हैं | क्योकि उन्हें ही बच्चों का प्रथम गुरु कहा जाता है लेकिन आजकल माता और पिता दोनों ही काम में बिजी रहते है जिसकी वजह से वह अपने बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते और बच्चें स्कूल टीचर एवं कोचिंग पर निर्भर रहते है | लेकिन ये आपके बच्चों के लिए सही नहीं है क्योकि जब तक घर में माता – पिता आपने बच्चो पर ध्यान नहीं देते है तब तक बच्चा पढाई नहीं करता है , और इस के लिए अपने बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका आना चाहिए ताकि आप अपने बच्चो को सही से हैंडल कर सके |

आमतौर पर माता–पिता पढ़ाई के दौरान अपने बच्चों की पिटाई करते हैं, ताकि वह डर से पढ़ाई कर सके। लेकिन, यह तरीका बेहद गलत है, क्योंकि मारने-पीटने से बच्चे और जिद्दी हो जाते हैं। ऐसे में आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि बच्चे को किस तरह पढ़ाएं ताकि वह पढ़ाई को एन्जॉय करे और पढ़ाई में उसकी दिलचस्पी बनी रहे।

हालाँकि, कुछ उपायों के जरिए आप अपने बच्चों को सही तरीके से पढ़ा सकते हैं जो कि निम्नानुसार है

  • अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है तो उसे फोटो वाली रंग-बिरंगी किताबों के माध्यम से पढ़ाना चाहिए | क्योंकि, बच्चे उन तस्वीरों को देख कर अच्छे से याद कर सकते हैं, और इसका एक फायदा यह भी होगा कि आपके बच्चे उन चीजों को दुबारा आसानी से पहचान सकते हैं।
  • अगर आपका बच्चा 4–5 वर्ष का है तो उसे वीडियो की सहायता से भी पढ़ा सकते है क्योंकि बच्चे कविताओं वाले वीडियो की मदद से जल्दी सीखते हैं। बाजार में इस तरह के वीडियो बहुत उपलब्ध हैं, ऐसे में अपने बच्चों को इसके जरिए याद करा सकते हैं।
  • बच्चे अपने दोस्तों से भी बहूत कुछ सीखते हैं, ऐसे में अपने बच्चों को अपने दोस्तों के साथ भी थोड़ा समय बिताने दें , उनको पूरा समय घर पर न रखे |
  • बच्चो के साथ कहीं घूमने निकले तो रास्तें में अपने आस-पास कि चीजों के बारे में उसे बताते जाएं |
  • अपने बच्चो का स्कूल बैग रोज देखे और स्कूल से मिलने वाले होमवर्क को जरुर करवाएं |
  • छोटे बच्चो को पढ़ाने के लिए बाजार में कई तरह के toy भी उपलब्ध है जो पढ़ाने में मदद करते है और बच्चे खेल-खेल में बहुत कुछ सीख लेते है |
  • कंप्यूटर के माध्यम से भी हम अपने बच्चो को बहुत कुछ सीखा सकते है | क्योकि कंप्यूटर में बहुत सारे गेम्स होते है जिसे देख कर बच्चे बहुत कुछ सीख सकते है |
  • बच्चो का मनोबल हमेशा बढ़ाते रहना चाहिए ताकि उनका मन सदैव कुछ न कुछ नया सीखने में लगा रहे और वे अपने आप को कभी भी किसी से कम न समझे |
  • जब हमारा बच्चा कुछ नया करे या कुछ अलग करे तो उसे इनाम दे क्योकि बच्चे इनाम पाकर बहुत खुश हो जाते है और इनाम की लालच में ओर अधिक अलग करने की कोशिश करते है |
  • इन सब के अलावा हमे कभी – कभी अपने बच्चो की प्रसंशा भी करनी चाहिए क्योकि बच्चे अपनी प्रसंशा सुनकर भी बहुत खुश होते और अच्छे से पढाई करते है |

जब आप अपने बच्चो को पढ़ाये तो इन सब दी गई बातोँ का ध्यान जरुर रखे तो आप देखेगे कि आपका बच्चा बहुत जल्दी चीजों को सीखेगा और उसे पढ़ाना भी आसान होगा | लेकिन याद रखें ये सब धैर्य से करने वाले काम है | क्योकि बच्चो का दिमाग़ धीरे – धीरे ही विकसित होता है लेकिन आप सही तरीके से पढ़ाते जाइए एवं समझाते जाइये आप को सफलता अवश्य मिलेगी |

इन सब चीजों के अलावा हमे अपने बच्चो के टाइम – टेबल पर ध्यान देना चाहिए कि वे कब पढ़े और कब खेले और ये सब माता – पिता ही तय करते है | सुबह का समय अध्यन के लिए सबसे अच्छा माना जाता है क्यू की यह वह वक़्त होता जब आस पास का वातावरण एकदम शांत होता है और अध्यन के लिए एक शोरगुलरहित तो सुबह जल्दी उठकर पढने से पढ़ी गयी चीजे जल्दी से याद हो जाती है इसलिए हमे अपने बच्चों की सुबह जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए  |

बच्चो को पढ़ाते समय ये सब न करे जैसे -:

आमतौर पर पेरेंट्स पढ़ाई के दौरान अपने बच्चों की पिटाई करते हैं, ताकि वह डर से पढ़ाई कर सके। लेकिन, यह तरीका बेहद गलत है, क्योंकि मारनेपीटने से बच्चे और जिद्दी हो जाते हैं।

  1. भूल कर भी बच्चों के साथ सख्ती बरतने की कोशिश न करें, इससे आपका बच्चा जिद्दी रूप अख्तियार कर सकता है। ऐसे में, बच्चों को अलगअलग तरीके से समझाने की कोशिश करें।
  2. अगर बच्चा कुछ पूछे तो उनकी बातों को नजरअंदाज न करें।
  3. बच्चो को कभी भी किसी बाहरी व्यक्ति , रिश्ते या उसके दोस्तों के सामने नहीं डाटना चाहिए | ऐसा करने से बच्चा अपमानित मासुस करता है और उसका मनोबल भी कम हो सकता है परिणाम स्वरूप बच्चा पढाई में कमजोर हो सकता है |

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