हिंदी भाषा का सामान्य परिचय

(General introduction to Hindi language)

पुरे विश्व में लगभग 3000 भाषायें बोली जाती है, जिसमे से एक हिंदी भाषा है| हिंदी भारोपीय परिवार की भाषा है| आपकी जानकारी के लिए बता दे| भारत में चार भाषा परिवार है जैसे – भारोपीय ,द्रविड़ ,आस्ट्रिक और चीनी-तिब्बती| लेकिन क्या आप जानते है कि हिंदी भाषा की व्युत्पत्ति कहाँ से हुई और वह कैसे विकसित हुई तो आज हम आपको इसके बारे में ही जानकारी देते है|

हिंदी का प्रारम्भिक विकास क्रम –

हिंदी का जन्म संस्कृत भाषा से हुआ है| इसके बाद संस्कृत पालि व प्राकृत भाषा से होती हुई अपभ्रंश भाषा तक पहुँचती है| फिर अंत में अपभ्रंश ,अवहट्ट से होती हुई प्रारम्भिक हिंदी का रूप ले लेती है| इस प्रकार हिंदी का जन्म होता है| जिसका क्रम इस प्रकार है-

हिंदी भाषा के जन्म के बाद हिंदी के विकास क्रम को तीन भागों में बांटा गया था , जो इस प्रकार है –

  1. आदिकालीन हिंदी भाषा :

आदिकाल को हिंदी भाषा का प्रारंभिक काल भी कहते है| इस काल में हिंदी शब्द की व्युत्पत्ति भारत के उत्तर-पश्चिम में स्थित सिन्धु नदी से हुई है| ईरान के भारत के साथ बहुत प्राचीनकाल से ही संबंध थे और ईरानी सिन्धु को ‘हिन्दू’ कहते थे| हिन्दू से ‘हिन्द’ बना उसके बाद हिन्द से ‘हिंदी बन गया| हिंदी का मतलब होता है – ‘हिन्द का’| इस प्रकार हिंदी शब्द की उत्पत्ति हिन्द देश के निवासियों के अर्थ से हुई|

हिन्दी भाषा का विकास pdf, हिंदी भाषा का विकास, हिंदी भाषा का विकास पीडीऍफ़ डाउनलोड, हिन्दी भाषा की उत्पत्ति और विकास, हमारी भाषा का नाम हिंदी किसने दिया, हिंदी भाषा की विशेषता, हिंदी भाषा परिचय, हिंदी शब्द किस भाषा से लिया गया है

आदिकाल की प्रमुख हिंदी भाषा व रचनाकार –

  • ब्रजभाषा – सुधीर अग्रवाल
  • अवधि – मुल्ला दाउद
  • खड़ी भाषा – अमीर खुसरो ,जयदेव ,नामदेव रामानंद
  1. मध्यकालीन हिंदी भाषा :

मध्यकाल में हिंदी का स्वरूप ओर अधिक स्पष्ट हो गया था| इसके साथ-साथ हिंदी की प्रमुख बोलियाँ भी विकसित हो गई थी| इस काल में ब्रजभाषा व अवधि भाषा का अत्यधिक साहित्यिक विकास भी हुआ इसके साथ ब्रजभाषा को कुछ राज्यों का संरक्षण भी मिला| इस काल में खड़ी बोली के मिश्रित रूप का साहित्य में प्रयोग किया गया| इस खड़ी बोली को 14वी सदी में दक्षिण में प्रवेश तथा 18वी सदी में मुसलमान शासकों का संरक्षण मिला|

मध्यकाल के प्रमुख रचनाकार –

  • ब्रजभाषा – सूरदास ,गदाधर भट्ट ,रसखान ,मीराबाई ,बिहारी ,केशवदास ,मतिराम ,सेनापति ,आलम आदि|
  • अवधि – कुत्बन ,जायसी ,मंझन ,शेख निसार ,अलीशाह उसमान आदि|
  • खड़ी भाषा – कबीर ,नानक ,दादू ,रहीम ,जटमल गंग ,नजीर आदि|

 

  1. आधुनिककालीन हिंदी भाषा :

इस काल तक आते-आते हिंदी का स्वरुप ओर अधिक विकसित हो गया था| इस काल में ब्रजभाषा जनभाषा से काफी दूर हो गई थी तथा इस काल के आने से पहले ही अवधि भाषा साहित्य से दूर हो चुकी थी| 19वी सदी के मध्य तक अंग्रेजी भाषा की सत्ता का विस्तार भारत में हो गया था| जब अवधि भाषा व ब्रजभाषा साहित्य से दूर हो गई तो उसका स्थान खड़ी बोली ने ले लिया| 20वी सदी के आते-आते खड़ी बोली ही साहित्यिक भाषा बन गई|

आधुनिक काल के प्रमुख रचनाकार –

सदासुख लाल ‘नियाज’ ,लल्लू लालजी ,आचार्य महावीर प्रसाद ,महादेवी वर्मा ,मुंशी प्रेमचंद ,जयशंकर प्रसाद आदि|