आज हम आपको एक ऐसे औषधीय पौधे के बारे में बताने जा रहे है जिसका नाम गिलोय (giloy) है| इसका आयुर्वेद में एक विशेष स्थान है| प्राचीनकाल से ही इसका उपयोग औषधी के रूप में होता आ रहा है| इसके अंदर बहुत से ऐसे औषधीय गुण होते है जो अनेक प्रकार की बीमारियों को ठीक कर देते है|

इस समय जो सारी दुनिया में कोरोना वायरस की घातक बीमारी फैली हुई है जिसकी वजह से हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग इससे अभी भी संक्रमित है| गिलोय इस बीमारी से भी हमारी रक्षा करता है|

तो आइए जानते है कि giloy kya hai, giloy ka paudha दिखता कैसा है? तथा giloy ke benefits क्या-क्या होते है|

गिलोय क्या है? (giloy kya hai)

गिलोय एक प्रकार की बहुवर्षीय लता होती है जो किसी भी पेड़ या रस्सी का सहारा लेकर ऊपर तक चढ़ जाती है| इसे लोग सजावट के लिए अपने घरों और बगीचे में भी लगाते है|

कहते है giloy creeper जिस पेड़ को आधार बनाती है तो उस पेड़ के गुण भी गिलोय में आ जाते है| आयुर्वेद में इसे बुखार की सर्वोत्तम औषधी माना गया है| इसका सेवन करने से किसी भी प्रकार का बुखार आसानी से ठीक हो जाता है|

Giloy ka paudha कैसा होता है?

यह तो अपने जान लिया की गिलोय क्या है ,अब जानते है कि giloy ka ped होता कैसा है| इसके पत्ते का आकार पान के पत्ते की तरह होता है जिसका रंग गहरा हरा होता है| इसका तना रस्सी की तरह तथा शाखाओं से जड़े निकली होती है|
इस पर पीले व हरे रंग के गुच्छेदार फूल लगते है तथा फल मटर के दाने जैसे होते है| इसमें फूल गर्मी के मौसम में व फल सर्दी के मौसम में आते है|

Giloy कहाँ पाया जाता है?

गिलोय भारत के सभी स्थानों पर आसानी के साथ मिल जाती है जैसे – जंगल ,खेतों की मेड ,पहाड़ो की चट्टानों आदि|

गिलोय के विभिन्न नाम (giloy other names) –

अमृता ,गडूची ,गुलवेल ,गुंचा ,अमृतबेल ,मून सीड ,पालो ,गुर्जो ,वत्सादनी ,गुडूची ,गिलो आदि नामों से जाना जाता है|
गिलोय में पाए जाने पोषक तत्व –
आयरन ,मैगनीज ,जिंक ,कैल्शियम ,कॉपर ,फॉस्फोरस ,ग्लूकोसाइड ,पामेरिन ,टिनोस्पोरिक आदि पोषक तत्व पाए जाते है|

गिलोय के फायदे (giloy ke benefits in hindi) –

वैसे तो giloy ke fayde अनगिनित है लेकिन हम इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदों के बारे में बताने जा रहे है जो इस प्रकार है –
बुखार के लिए (giloy for fever) – बुखार में गिलोय का काढ़ा बनाए – गिलोय में ऐसे गुण होते है जो पुराने से पुराने बुखार को ठीक कर देते है| अगर giloy juice और घी को एक साथ पकाकर उसका सेवन करे तो पुराना बुखार ठीक हो जाता है| इसके अलावा giloy ghanvati भी पुराने बुखार को ठीक कर देता है|

त्वचा के लिए (giloy for skin) – यह त्वचा से सम्बन्धित रोगों व एलर्जी को ठीक करने में भी सहायक होती है| इसके लिए इसके तने का पेस्ट बनाकर प्रभावित जगह पर लगाना होता है|

लीवर के लिए (giloy for liver) – गिलोय सत्व को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार पीने से लीवर स्वस्थ रहता है|

डायबिटीज के लिए (giloy for diabetes) – खाली पेट giloy juice को एक कप पानी के साथ मिलाकर पीने या फिर giloy churna को खाना खाने के बाद पानी के साथ लेने से डायबिटीज नियंत्रित रहती है| क्योंकि यह ब्लड शुगर के बढ़े स्तर को कम करती है|

इम्युनिटी के लिए (giloy for immunity) – अगर giloy juice का नियमित सेवन किया जाए तो शरीर की इम्युनिटी पॉवर बढ़ती है जिससे कई सारी संक्रमित बीमारियों से बचा जा सकता है|

पीलिया के लिए (giloy for jaundice) – अगर सुबह के समय giloy leaves के रस एक गिलास छाछ में मिलाकर पिया जाए तो पीलिया ठीक हो जाता है| इसके अलावा गिलोय के तने के छोटे-छोटे टुकड़ो की माला पहनने से भी पीलिया में लाभ मिलता है|

उल्टी के लिए (giloy for vomiting) – एसिडिटी के कारण होने वाली उल्टी में giloy ras में मिश्री मिलाकर पीने से उल्टी बंद हो जाती है|

खांसी के लिए (giloy for cough) – दिन में दो बार गिलोय का काढ़ा बनाकर पीने से खांसी में आराम मिलता है क्योंकि इसमें एंटीएलर्जिक गुण पाया जाता है|

• गिलोय में एंटी-इम्फलेमेटरी गुण पाया जाता है इसलिए यह अस्थमा रोग में भी लाभ देता है|

Giloy Corona Virus से कैसे बचाता है? –

अगर आप कोरोना वायरस से प्रभावित नहीं होना चाहते है तो गिलोय ,हल्दी ,काली मिर्च व तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर इसका सेवन करे| क्योंकि गिलोय इम्युनिटी पॉवर बढ़ाता है और जिसकी इम्युनिटी पॉवर अच्छी होती है वह किसी भी प्रकार की संक्रमित बीमारियों से बच सकता है|

कोरोना से लड़ने के लिए आप बाहर का कुछ भी छू कर आये तो साबुन से हाथ जरूर धोये। सर्दी, बुखार, झुकाम में घर में रहे और मास्क पहने। ताकि आपकी सर्दी किसी और का न लगे। और इम्युनिटी पॉवर बढ़ाने वाली सब्जियों और फलो को खाये। घबराये नहीं बल्कि जरुरी चेकअप समय से करवाए ताकि आपका समय से इलाज हो सके। भारत सरकार ने पहले से काफी तैयारी कर रखी है।

गिलोय का सेवन किसे नहीं करना चाहिए? –

जैसा कि हम जानते है giloy Ayurveda जगत की सबसे उत्तम औषधी है इसलिए इसके नुकसान न के बराबर है फिर भी रुमेटाइड आर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों को ,लो ब्लडप्रेशर वाले मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन नहीं करना चाहिए|

तो दोस्तों आप लोगों ने देखा गिलोय कितनी फायदेमंद औषधी है| जो अनेक प्रकार के रोगों से हमारी रक्षा करती है| लेकिन इसका लाभ तभी मिलता है जब आपको giloy lene ka tarika मालूम होता है क्योंकि गिलोय को सही मात्रा में लिया जाए तभी वह फायदेमंद होती है वरना यह आपको नुकसान भी पहुंचा सकती है| इसलिए जब भी इसका सेवन करे तो डॉक्टर की सलाह जरुर ले और इसके बारे में सारी जानकारी पाप्त कर ले|

आगे पढ़े – जाने आयुर्वेद में गिलोय का इस्तेमाल और इसके फायदे