शिव महापुराण

महाशिवरात्रि की पवित्र, प्राचीन महिमा और प्रामणिक कथा

पुराण में चार प्रकार के शिवरात्रि पूजन का वर्णन है। मासिक शिवरात्रि, प्रथम आदि शिवरात्रि, तथा महाशिवरात्रि। पुराण वर्णित अंतिम शिवरात्रि है-नित्य शिवरात्रि। वस्तुत: प्रत्येक रात्रि ही ‘शिवरात्रि’ है अगर हम उन परम कल्याणकारी आशुतोष भगवान में स्वयं को लीन कर दें तथा कल्याण मार्ग का अनुसरण करें, वही शिवरात्रि का सच्चा व्रत है। शिव की आराधना करने वाले उन्हें प्रसन्न करने के लिए भांग और धतूरा चढ़ाते हैं. इस

महादेव शिव जी के अर्द्धनारीश्वर अवतार की कथा – Shiv Ji Ardhnarishwar Story in Hindi

आपने अपने घर या जहा कही भी शिव जी और पारवती माँ की फोटो को एक साथ जुड़े हुए (अर्धनारेश्वर रूप ) देखा है तो जरूर सोचा होगा की इसके पीछे की कहानी क्या है. इस स्वरूप में संसार के विकास की कहानी छुपी है। शिव पुराण, नारद पुराण सहित दूसरे अन्य पुराण भी कहते हैं कि अगर शिव और माता पार्वती इस स्वरूप को धारण नहीं करते तो सृष्टि

जानिए शिवमहापुराण की महिमा आसान शब्दो में

शिव महापुराण एक ऐसा महान प्राचीन पुराण है जिसके सुनने और सुनाने से मनुष्य जन्मो के पापो से मुक्त हो जाता है, यह शिवपुराण ग्रन्थ चौबीस हजार श्लोको से युक्त है और इसकी सात हज़ार सहिंताएं है. आज हम आपको शिव महापुराण की महिमा के बारे में एक प्राचीन कहानी के द्वारा बताएँगे जिसे शिव महापुराण के माहात्म्य से लिया गया है. शिव महापुराण में सूत जी शिव महापुराण की