धार्मिक इतिहास

Religious history

जानिये पवित्र महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga) के बारे में

जानिये पवित्र महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग (Mahakaleshwar Jyotirlinga) के बारे में आज हम आपको भगवान शिव के तीसरे ज्योर्तिलिंग के इतिहास ,महत्त्व और उसके पीछे की पौराणिक कथा के बारे में बतायेंगे| महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में क्षिप्रा नदी के किनारे स्थित है| जिसे महाकालेश्वर या महाकाल मंदिर कहते है| यह सभी 12 ज्योर्तिलिंग में से एक मात्र ऐसा ज्योर्तिलिंग है जो दक्षिणमुखी है| इस ज्योर्तिलिंग के दर्शन करने से

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का इतिहास व महत्व (Mallikarjuna Jyotirlinga)

मल्लिकार्जुन ज्योर्तिलिंग दुसरे नंबर का ज्योर्तिलिंग है| कोटिरुद्र्संहिता में मल्लिकार्जुन का अर्थ (मल्लिका का मतलब पार्वती तथा अर्जुन का मतलब शिव) पार्वती-शिव बताया गया है| कहा जाता है कि इस ज्योर्तिलिंग के दर्शन करने वालों के सभी कष्ट दूर हो जाते है और उन्हें अश्वमेध यज्ञ का पूण्य मिलता है| इस ज्योर्तिलिंग की पूजा-अर्चना करने वाले लोगों को शिव के साथ-साथ माँ पार्वती का भी आशीर्वाद मिलता है| मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग कहां

जाने पहले ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ मंदिर के बारे में (Know About Somnath Temple, India)

जाने पहले ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ मंदिर के बारे में (Know About Somnath Temple, India) जैसा कि हम जानते है भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंग है| जो कि देश के अलग-अलग भागों पर पाये जाते है| इनमे से जो पहला ज्योतिर्लिंग है उसका नाम सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है| आज हम आपको सोमनाथ मंदिर में स्थित इसी ज्योतिर्लिंग का इतिहास बताने जा रहे है| इसके इतिहास के साथ हम आपको ये भी बतायेंगे

जानें, क्यों मनाया जाता है धनतेरस  (Dhanteras)?

जानें, क्यों मनाया जाता है धनतेरस? पुराणों के अनुसार इस दिन समुद्र मंथन के समय, अमृत का कलश लेकर धनवंतरी प्रकट हुए थे. इस कारण इस दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाने लगा और धनवंतरी के प्रकट होने के ठीक दो दिन बाद मां लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं. यही कारण है कि हर बार दिवाली से दो दिन पहले ही धनतेरस मनाया जाता है. इस दिन धनवंतरी देव

ये हिन्दू धर्म की महत्त्वपूर्ण जानकारी अपने बच्चो को जरूर बताये.

हिन्दू धर्म (संस्कृत: सनातन धर्म) एक धर्म (या, जीवन पद्धति) है जिसके अनुयायी अधिकांशतः भारत ,नेपाल और मॉरिशस में बहुमत में हैं। इसे विश्व का प्राचीनतम धर्म कहा जाता है। इसे ‘वैदिक सनातन वर्णाश्रम धर्म’ भी कहते हैं जिसका अर्थ है कि इसकी उत्पत्ति मानव की उत्पत्ति से भी पहले से है। ये हिन्दू धर्म की महत्त्वपूर्ण जानकारी अपने बच्चो को जरूर बताये. वेद : वेद प्राचीन भारत के पवितत्रतम

महावतार बाबाजी - Autobiography of a Yogi नामक पुस्तक से एक चित्र, जिसे योगानन्द जी ने स्वयं की ब्बाजी से हुई एक भॆंट के स्मरण के आधार पर बनाया था।

क्या आपको लगता है जो आपको दिख रहा है वही सच है तो ऐसा नहीं है क्युकी आपको विश्वास नहीं होगा जानकार की इस धरती पर कुछ लोग बहुत पुराने काल से आध्यात्मिक जीवन जी रहे है ये बिलकुल अद्भुत अविश्वसनीय अकल्पनीय तो है ही पर एक दम सत्य और प्रमाणित है ” श्री सिद्द महावतार बाबा जी” जो की 5000 से 6000 वर्ष से  आज भी जीवित है. जिसने

जरूर जाए प्रकति की गोद में बसे बारह ज्योतिर्लिंगों के उद्गम स्थल जागेश्वर मंदिर

उत्तराखंड के प्रमुख देवस्थलो में “जागेश्वर धाम या मंदिर” प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है | यह उत्तराखंड का सबसे बड़ा मंदिर समूह है | यह मंदिर कुमाउं मंडल के अल्मोड़ा जिले से 38 किलोमीटर की दुरी पर देवदार के जंगलो के बीच में स्थित है | जागेश्वर को उत्तराखंड का “पाँचवा धाम” भी कहा जाता है | जागेश्वर मंदिर में 124 मंदिरों का समूह है | जिसमे 4-5 मंदिर प्रमुख है