प्राचीन इतिहास

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जाने भीमाशंकर ज्योर्तिलिंग का महत्व व इतिहास - 6th Jyotirlinga

जाने भीमाशंकर ज्योर्तिलिंग का महत्व व इतिहास भीमाशंकर 12 ज्योर्तिलिंग में से छठा ज्योर्तिलिंग है| यह ज्योर्तिलिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किमी की दुरी पर सहाद्री नामक पर्वत पर स्थित है| इस पर्वत से होकर भीमा नदी है जो कृष्णा नदी में जाकर मिल जाती है| भीमाशंकर मंदिर का शिवलिंग बाकी सभी शिवलिंग की तुलना में काफी मोटा है इसलिए इसे मोटेश्वर शिवलिंग भी कहा जाता है| भीमाशंकर

जाने ऐतिहासिक धरोहर अदालज वाव या अडालज बाबरी के बारे में।

आज हम बात करेंगे अडालज बाबड़ी की जो की गुजरात में अहमदाबाद के निकट स्थित है, यह अहमदाबाद से 18 किलोमीटर दूर अडालज गांव में स्थित है। इस बाबरी का नाम भी इसी गांव के नाम पर रखा गया है। बाबरी को गुजराती भाषा में “वाव” कहते है. ये कला और इतिहास का जीता जागता उदाहरण है. कहते है इसका आधा निर्माण हिन्दू साम्राज्य राजा वीर सिंह के शासन में

Map of India in the Age of the Mahabharata

आज के इस नये युग मे हमे जो बताया जाता है, या जो हम जानते है वही सच मानते है, कभी आपने सोचा की हमारे ग्रंथ और पुराणो ज्ञान एक पीडी से दूसरी पीडी मे कैसे जाता था, क्यूकी तब कागज तो थे नही लिखने के लिए, अब एक नज़र “गुरुकुल” शब्द पर डालिए जहा सब बालक अपना बचपन बिताते थे, जहा हर तरह की शिक्षा मिलती थी, चाहे पुराणो