होम ब्लॉग

नेटफ्लिक्स क्या है? हिंदी में जाने सदस्यता और शुल्क

0

आजकल Internet पर बहुत सारे app मौजूद है जिनका use करके आप movie व show देख सकते है| इसमें से ही एक app Netflix India है जिसकी help से आप अपने देश की ही नहीं बल्कि दुसरे देशों की movie व show देख सकते है|

आप जिस प्रकार से TV पर movie व show देखते है ठीक उसी प्रकार से आप इस पर भी इन्हें देख सकते है| लेकिन TV पर movie या show देखने के लिए आपको wait करना पड़ता है परन्तु Netflix में आप जब चाहे तब movie या show को देख सकते है|

लेकिन Netflix पर movie या show देखने के लिए आपको महीने का कुछ charge देना पड़ता है जो कि बहुत कम होता है| इसलिए लोग इस app को बहुत ज्यादा use करते है|

अब आप सोच रहे होगे कि आखिर ये नेटफ्लिक्स टीवी शो होता क्या है? और हम इसे नेटफ्लिक्स कैसे इस्तेमाल कर सकते है? तो चलिए जानते है इसके बारे में पूरी जानकारी ,ताकि आप भी इस Netflix app को download करके अपने मनपसंद show व movie को enjoy कर सके|

Netflix Kya Hai? (व्हाट इस नेटफ़्लिक्स) –

Netflix दुनिया की सबसे बड़ी On-Demand Video Streaming Service है| जिसके माध्यम से आप किसी भी device पर offline movie या show देख सकते है|

जब से यह India में launch हुआ है तब से लोगों के द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है| क्योंकि इस app में आपको तरह-तरह की movie देखने को मिल जाती है|

Netflix को हर प्रकार की screens के लिए उपलब्ध कराया गया है जैसे – TV, Laptop, Mobile, Computer आदि|

नेटफ्लिक्स की शुरुआत कब और किसने की थी? ( Netflix के बारे में) –

Netflix की शुरुआत अगस्त 1997 में Serial entrepreneurs Marc Randolph और Reed Hastings द्वारा की गई थी|

जब Netflix की शुरुआत हुई थी तब यह एक Website Based Movie Rental Service थी जो, कि लोगों को DVD online rent पर दिया करती थी| जब users इस DVD को order किया करते थे तो Netflix इसे post के द्वारा user तक पहुँचते थे| लेकिन जब DVD देख लेते थे तो उसे Netflix को post के द्वारा वापस भी भेज देते थे|

लेकिन 2007 में Netflix ने इसकी streaming service शुरू की| जिस कारण अब यह दुनिया की top media service प्रदाता व निर्माता company बन गई है| इसका मुख्यालय अमेरिका के लॉस एंजेलिस में स्थित है|

Netflix ko join Kaise Kare? या सदस्यता कैसे ले ?

Netflix को join करने से पहले इसे play store में जाकर download कर ले| इसके बाद इसे कुछ step follow करके join करे –

  • पहले इसकी website Netflix.com को open करे|
  • अब आपको Join Free For A Month पर click करना है|
  • इस पर click करने के बाद आपको तीन प्रकार के plans मिलेंगे|
  • इसमें से किसी एक plan को select करे|
  • अब continue पर click कर दे|
  • इसके बाद आपको account create करने के लिए अपना email address और password डालकर फिर से continue पर click करना होगा|
  • अब आपके सामने setup your credit व debit card का option आयेगा जिसमे आपको अपने card की पूरी detail डालनी है|
  • अब I Agree पर click करके Start Membership पर click करे|
  • अब आपके सामने 2 option आएगे Will You Watch On Other Devices और Who Will Be Watching Netflix, इसमें से किसी एक option को select करके continue पर click कर दे|
  • इस प्रकार आपका Netflix account बन जाएगा और इसे आप use कर सकते है|

Netflix Kaise use Hota hai?

Netflix को join करने के बाद इसका use कैसे किया जाता है इसे जानना बहुत जरुरी है तो चलिए जानते है इसके बारे में –

सबसे पहले Netflix app को open करे और इसके home page पर जाए| जहाँ पर आपको बहुत सारी category जैसे movie ,show आदि की list मिलेगी| जिसमे से किसी को भी select करके देख सकते है या फिर download भी कर सकते है|

अगर आपको हर दिन कुछ नया देखना अच्छा लगता है तो आप Recently add पर जाकर देख सकते है| क्योंकि यहाँ पर new movie व show देखने को मिलते है|

यदि आपको कोई movie या show पसंद है तो इसे आप My List में add कर सकते है| इसके लिए आपको उस movie या show पर mouse को ले जाना होगा तो एक poster highlight show होगा और कुछ button देखेंगे इसमें से plus बटन पर click करना होगा| इस प्रकार आपकी movie या show My List में add हो जाएगा|

यदि आप अपनी profile को manage या account को sign up करना चाहते है तो आप right side down arrow पर click करे तो setting का option आ जाता है|

Netflix के Plans क्या-क्या है?

जैसा कि हमने बताया इसमें तीन तरह के plan होते है जिसमे से किसी एक plan को आप choose कर सकते है जैसे –

  • Premium Plan : इसमें आपको HD तथा Ultra HD दोनों में live streaming देखने को मिलती है इसके अलावा इसमें आप चार screen पर एक साथ देख सकते है|
  • Standerd Plan : इसमें केवल HD streaming देखने को मिलेगी और आप दो screen पर लगातार देख सकते है|
  • Basic Plan : इसमें केवल एक ही screen पर login करके देख सकते है अगर आपको दूसरी में login करना है तो पहले को logout करना होगा|

नेटफ्लिक्स में कितना डाटा इस्तेमाल होता है? (Netflix Mobile Data Uses) –

Netflix vedio की quality के हिसाब से data use करती है जैसे –

  • Basic vedio –3 data per hour
  • Standard vedio –7 data per hour
  • Best vedio – 3 GB data per hour

Netflix Ke Fayade –

अगर आप Netflix app का use करते हो तो आपको इसके बहुत सारे फायदे मिलते है जैसे –

  • Netflix app को join करके आप किसी भी समय मनपसंद movie या show देख सकते हो|
  • इसमें किसी भी device में movie या show देखा जा सकता है|
  • इस app को जब आप join करते हो तो 30 दिन तक free service दी जाती है|
  • यह आपको 2 या 4 screen play करने की सुविधा भी देता है|
  • इस पर आपको हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है|
  • इस पर आप दुनिया के किसी भी देश की movie देख सकते हो|
  • इसमें अगर आपको movie देखना पसंद है तो आप केवल movie का ही plan ले सकते हो|

नेटफ्लिक्स शुल्क ( NetFlix Plans) –

Netflix शुल्क जानने के लिए आपको नेटफ्लिक्स के वेबसाइट पर जाकर आपको अकाउंट बनाना होगा। फिर एक महीने फ्री में देखे उसके बाद आपको प्लान जानकारी स्वतः दिख जाएगी।

नेटफ्लिक्स एप्लीकशन (Netflix application) –

नेटफ्लिक्स मोबाइल डाउनलोड करने के लिए आप गूगल प्ले स्टोर पर जा सकते है।

तो दोस्तों आशा करती हूँ कि आपको Netflix app अच्छे से समझ आ गया होगा| और आप इसका use अब आसानी से कर सकते है| अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आए तो इसे अपने दोस्तों में जरुर share करे|

Google Navlekha Project क्या है? गूगल नवलेखा कैसे काम करता है ?

0

Google ने हिंदी तथा regional language को बढ़ावा देने के लिए एक नये tool को launch किया है जिसे Google Navlekha tool कहते है|  लेकिन क्या आप जानते है कि Google Navlekha क्या है? इसका use कैसे करते है और यह क्या काम करता है? तथा इसके फायदे क्या-क्या है?
तो आइए जानते है इन सब सवालों के जवाब इस article के माध्यम से ,ताकि आप इसकी जानकारी प्राप्त करके इसे join कर सके और इसका लाभ उठा सके|

गूगल नवलेखा क्या है? Google Navlekha kya hai?

Navlekha एक संस्कृत शब्द है जिसका Navlekha का मतलब होता है “लिखने का नया तरीका”|
Navlekha google द्वारा launch किया गया एक ऐसा tool है जो offline content को online content में publish करता है|
यह एक ऐसा tool है जो hindi publication के लिए शुरू किया गया है| ये उन local publisher की help करता है जो अपने content को offline लिखते है और जिनको online का ज्यादा ज्ञान नहीं है|
यह tool केवल उन लोगों के लिए है जो अखबार में अपना content publish करते है| इसकी help से हिंदी व regional language में लिखे content अब online publish किये जा सकते है| Google Navlekha Project के साथ साथ गूगल ने Google Question Hub को भी शुरू किया था।

गूगल नवलेखा की शुरुआत कब और क्यों हुई? (Google Navlekha ki Shuruaat) –

Google Navlekha Tool को 14 दिसम्बर 2018 में Delhi के Pullman hotel में launch किया गया था|
इसकी शुरुआत इसलिए हुई ताकि जो हिंदी व क्षेत्रीय भाषा में लिखे content अभी तक केवल offline है उन्हें online लाया जा सके| जिससे English की तरह Hindi के content की संख्या भी online बढ़ सके|
अभी इस tool को केवल Hindi publication के लिए शुरू किया गया है लेकिन भविष्य में इसका use अन्य regional language के लिए भी कर सकते है|

गूगल नवलेखा को कैसे ज्वाइन करे (Google Navlekha kaise Join Kare)? –

Navlekha को join करना बहुत ही आसान है इसके लिए सबसे पहले इसकी official website navlekha.withgoogle.com पर जाना होगा|
इसके बाद आपको महत्वपूर्ण जानकारी fill करनी होगी जैसे – अपना naam ,Publication naam , अपनी email ID ,अपना mobile number ,Publication का official address, Publication की language, Publication RIN registration number और अगर आपकी website का URL हो तो उसे भी डाल दे|
अब अंत में accept करके submit पर click करना होगा review के लिए| इस प्रकार आप Navlekha को join कर सकते है|

गूगल नवलेखा को इस्तेमाल कैसे करे। (Google Navlekha ko Kaise Use Kare?)

इस tool को use करने के लिए सबसे पहले Navlekha को join करना होगा| इसे कैसे join करते है इसके बारे में मैंने आपको ऊपर बताया है|
जब आप इसे signup करेंगे तो google की team आपकी application को review करेगी| इसके बाद google की टीम आपको contact करेगी|
अगर आप Registered Indian Publication चलाते है तो भी उनके web-pages को signup कर सकते है|

गूगल नवलेखा कैसे काम करता है? Google Navlekha Kaise Kaam Karta hai?

Google Navlekha कैसे काम करता है इसके बारे में जानते है – यह tool Artificial Intelligence का use करता है| जब आप कोई भी pdf file upload करते है तो आप उसे screen पर देख सकते है| अब आपको जिस page को online publish करना है उसे select करके process button पर click करते है|
तब यह tool OCR (Optical Character Recognition ) technology का use करके उस page या pdf file को Hindi language के character को editable format में convert कर देता है| आप जिस page को select करते है केवल वही encode होकर screen पर दिखाई देता है|
इस प्रकार आप कोई भी offline content को online में publish कर सकते है|

गूगल नवलेखा में किन भाषाओं को शामिल किया है? Google Navlekha Languages –

अभी Google Navlekha में कुछ ही भाषाओं को शामिल किया गया है जैसे – हिंदी, English, मराठी, तमिल, मलयालम और तेलुगू|
लेकिन आने वाले समय में ओर भी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया जा सकता है|

गूगल नवलेखा के फायदे (Google Navlekha Benefits) –

अगर आप इस tool को use करते है तो इससे आपको बहुत सारे फायदे मिल सकते है जो इस प्रकार है –
• इस tool का use करने पर publisher को setup करने या कराने के लिए कोई भी charges नहीं देना पड़ता है|
• इस tool की help से Hindi और क्षेत्रीय language को इंटरनेट की दुनिया में एक अलग जगह मिलेगी|
• इस tool की help से आप अपने publication में Adsense के Ad भी चला सकते है|
• इस tool की help से कुछ मिनिट में ही offline content को online में publish किया जा सकता है|
• इसका use करने के लिए आपको ज्यादा technical knowledge की जरूरत नहीं होती है|
• इस tool से आप new और old article को ऑनलाइन publish कर सकते है|
• यह publishers को free hosting और three years तक free branded domain देता है|
अगर आपको हमारे द्वारा Google Navlekha पर दी गई जानकारी अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों को share जरुर करे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस application को join करके इसका लाभ उठा सके|

जानिए तैमूर लंग लुटेरे का खून से सना भारत में इतिहास

0

तैमूर भारतीय इतिहास का सबसे गन्दा नाम है जिसे हमारे पूर्वज कहानी के रूप में अपने बच्चो को बताते रहे है। मुझे अच्छी तरह से याद है जब हमारे बाबा (दादा जी ) तैमूर की कहानी सुनाते ताकि हम डर कर सो जाये। लेकिन जैसे जैसे बड़े हुए इतिहास के पन्नो पर कही कही इस घिनोने नाम के बारे में पता चला तो ये लगा की सीधे साधे भारतीयों के साथ (जिन्हे आर्यपुत्र कहा जाता था ), जो सिर्फ दया, दान और क्षमा, के बारे में ही जानते थे और गुरुकुल रीती से पढ़े लिखे विद्वान और वैज्ञानिक भारत पर इन अनपढ़ जाहिलो ने कैसे कुत्तो की तरह हमला किया, अगर आप इतिहास के पन्ने टटोलेंगे तो सिहर उठेंगे. आधुनिक समय के विद्वानों के अनुसार, तैमूर के अभियानों से अनुमानित 17 मिलियन लोगों की मृत्यु हुई, जो उस समय दुनिया की आबादी का लगभग 5% था। उसकी गणना संसार के सबसे घिनोने क्रूर, हत्यारे, लुटेरे, दंगाई, नीच व्यक्ति में की जाती है। कहते हैं कि तैमूर लंग को अपने दुश्मनों के सिर काटकर जमा करने का शौक था.

तैमूर लंगड़ा कौन था? Taimur Lang kaun Tha? –

वह बरलस तुर्क खानदान में पैदा हुआ था। उसका पिता तुरगाई बरलस तुर्कों का नेता था। तैमूर लंग का जन्म समरकंद में 1336 में हुआ था. ये इलाका अब उजबेकिस्तान के नाम से मशहूर है. तैमूर ने सम्पूर्ण भारत मे आतंक मचाया ओर हिन्दुओ के ऊपर बहुत अत्याचार किया, उनका दमन ,शोषण करता रहा, सैकड़ो हिन्दू महिलाओं के बलात्कार एवं उनको नीलाम किया और सैकड़ो को मौत के घाट उतार दिया और जबरन धर्म परिवर्तन करवाया इतिहास उसकी क्रूरता को कभी नही भूल सकता।

इतिहासकार मानते हैं कि चग़ताई मंगोलों के खान, ‘तैमूर लंगड़े’ का एक ही सपना था. वो यह कि अपने पूर्वज चंगेज़ खान की तरह ही वह पूरे यूरोप और एशिया को अपने वश में कर ले. चंगेज़ और तैमूर में एक बड़ा फ़र्क़ था. चंगेज़ के क़ानून में सिपाहियों को खुली लूट-पाट की मनाही थी. लेकिन तैमूर के लिए लूट और क़त्लेआम मामूली बातें थीं. तैमूर लंग दूसरा चंगेज़ ख़ाँ बनना चाहता था। वह चंगेज़ का वंशज होने का दावा करता था, लेकिन असल में वह तुर्क था। वह लंगड़ा था, इसलिए ‘तैमूर लंग’ (लंग = लंगड़ा) कहलाता था।

तैमूर लंगड़ा ने भारत पर आक्रमण क्यों किया? (Taimur Lang Attack in Hindi) –

अपनी जीवनी ‘तुजुके तैमुरी में वह कुरान की इस आयत से ही प्रारंभ करता है ‘ऐ पैगम्बर काफिरों और विश्वास न लाने वालों से युद्ध करो और उन पर सखती बरतो।’ वह आगे भारत पर अपने आक्रमण का कारण बताते हुए लिखता है-

हिन्दुस्तान पर आक्रमण करने का मेरा ध्येय काफिर हिन्दुओं के विरुद्ध धार्मिक युद्ध करना है (जिससे) इस्लाम की सेना को भी हिन्दुओं की दौलत और मूल्यवान वस्तुएँ मिल जायें।

भारत की महान्‌ समृद्धि और वैभव के बारे में उसने बहुत कुछ बातें सुन रखी थीं। मूर्तिपूजा का विध्वंस तो आक्रमण का बहाना मात्र था। वस्तुत: वह भारत के स्वर्ण से आकृष्ट हुआ था। अत: भारत की दौलत लूटने के लिये ही उसने आक्रमण की योजना बनाई थी। उसे आक्रमण का बहाना ढूँढ़ने की अवश्यकता भी नहीं महसूस हुई।

तैमूर का दिल्ली पर आक्रमण (Taimur Lung Attacked on Delhi) –

उस समय दिल्ली की तुगलुक मुहम्मद तुगलक के निर्बल उत्तराधिकारियों के कारण दयनीय अवस्था में थी भारत उन दिनों काफ़ी अमीर देश माना जाता था. भारत की राजधानी दिल्ली के बारे में तैमूर ने काफ़ी कुछ सुना था. यदि दिल्ली पर एक सफल हमला हो सके तो लूट में बहुत माल मिलने की उम्मीद थी.

तैमूर ने भारत पर आक्रमण कब किया (Taimur ne bharat par kab aakraman kiya) –

अप्रैल 1398 में तैमूर एक भारी सेना लेकर समरकंद से भारत के लिये रवाना हुआ और सेना के साथ अफगानिस्तान पहुंचा. और मंगोलों की फ़ौज सिंधु नदी पार करके हिंदुस्तान में घुस आई और कश्मीर की सीमा पर कटोर नामी दुर्ग पर आक्रमण हुआ।

लुटेरे क्रूर तैमूर का अत्याचार (Taimur ka Atyachar) –

उसने तमाम पुरुषों को कत्ल और स्त्रियों और बच्चों को कैद करने का आदेश दिया। फिर उन हठी काफिरों के सिरों के मीनार खड़े करने के आदेश दिये। फिर भटनेर के दुर्ग पर घेरा डाला गया। वहाँ के राजपूतों ने कुछ युद्ध के बाद हार मान ली और उन्हें क्षमादान दे दिया गया। किन्तु उनके असवाधान होते ही उन पर आक्रमण कर दिया गया। तैमूर अपनी जीवनी में लिखता है कि ‘थोड़े ही समय में दुर्ग के तमाम लोग तलवार के घाट उतार दिये गये। घंटे भर में 10,000 लोगों के सिर काटे गये। इस्लाम की तलवार ने काफिरों के रक्त में स्नान किया।

सितंबर में उसने सिंधु, झेलम तथा रावी को पार किया। 13 अक्टूबर को वह मुलतान से 70 मील उत्तर-पूरब में स्थित तुलुंबा नगर पहुँचा। उसने इस नगर को लूटा और वहाँ के बहुत से निवासियों को कत्ल किया तथा बहुतों को गुलाम बनाया। फिर मुलतान और भटनेर पर कब्जा किया। वहाँ हिंदुओं के अनेक मंदिर नष्ट कर डाले। भटनेर से वह आगे बढ़ा और मार्ग के अनेक स्थानों को लूटता-खसोटता और निवासियों को कत्ल तथा कैद करता हुआ आगे बढ़ा। पंजाब के समाना कस्बे, असपंदी गांव में और हरियाणा के कैथल में हुए ख़ून ख़राबे की ख़बर सुन पानीपत के लोग शहर छोड़ दिल्ली की तरफ़ भाग गए और पानीपत पहुंचकर तैमूर ने शहर को तहस-नहस करने का आदेश दे दिया. रास्ते में लोनी के क़िले से राजपूतों ने तैमूर को रोकने की नाकाम कोशिश की. अब तक तैमूर के पास कोई एक लाख हिंदू बंदी थे. दिल्ली पर चढ़ाई करने से पहले उसने दिसंबर के प्रथम सप्ताह के अंत में इन सभी हिंदू कैदियों को क़त्ल करने का आदेश दिया. यह भी हुक्म हुआ कि यदि कोई सिपाही बेक़सूरों को क़त्ल करने से हिचके तो उसे भी क़त्ल कर दिया जाए.

तैमूर लिखता है-
इसलिये उन लोगों को सिवाय तलवार का भोजन बनाने के कोई मार्ग नहीं था। मैंने कैम्प में घोषणा करवा दी कि तमाम बंदी कत्ल कर दिये जायें और इस आदेश के पालन में जो भी लापरवाही करे उसे भी कत्ल कर दिया जाये और उसकी सम्पत्ति सूचना देने वाले को दे दी जाये। जब इस्लाम के गाजियों (काफिरों का कत्ल करने वालों को आदर सूचक नाम) को यह आदेश मिला तो उन्होंने तलवारें सूत लीं और अपने बंदियों को कत्ल कर दिया। उस दिन एक लाख अपवित्र मूर्ति-पूजक काफिर कत्ल कर दिये गये।

तैमूर के हमले के वक्त दिल्ली का सुल्तान कौन था (Delhi Ka Sultan)-

who was the sultan of delhi when timur invaded the city / taimur ke delhi par hamla ke waqt delhi ka sultan kaun tha?

अगले दिन दिल्ली पर हमला कर नसीरूद्दीन महमूद को आसानी से हरा दिया गया. महमूद डर कर दिल्ली छोड़ जंगलों में जा छिपा.। पाँच दिनों तक सारा शहर बुरी तरह से लूटा-खसोटा गया और उसके अभागे निवासियों को बेभाव कत्ल किया गया या बंदी बनाया गया। दिल्ली में जश्न मनाते हुए मंगोलों ने कुछ औरतों को छेड़ा तो लोगों ने विरोध किया. इस पर तैमूर ने दिल्ली के सभी हिंदुओं को ढूंढ-ढूंढ कर क़त्ल करने का आदेश दिया. चार दिन में सारा दिल्ली शहर ख़ून से रंग गया. पीढ़ियों से संचित दिल्ली की दौलत तैमूर लूटकर समरकंद ले गया। अनेक बंदी बनाई गई औरतों और शिल्पियों को भी तैमूर अपने साथ ले गया।

तैमूर भारत में केवल लूट के लिये आया था। उसकी इच्छा भारत में रहकर राज्य करने की नहीं थी। अत: 15 दिन दिल्ली में रुकने के बाद वह अपने देश समरकंद के लिये रवाना हो गया। भारत से जो कारीगर वह अपने साथ ले गया उनसे उसने समरकंद में अनेक इमारतें बनवाईं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध समरकंद की जामा मस्जिद है।

तैमूर की हार हिंदी कहानी (Taimur ki Haar Story) –

जिस वीर तुर्कों के प्रखर प्रताप से ईसाई दुनिया कौप रही थी , उन्‍हीं का रक्‍त आज कुस्‍तुनतुनिया की गलियों में बह रहा है। वही कुस्‍तुनतुनिया जो सौ साल पहले तुर्को के आंतक से राहत हो रहा था, आज उनके गर्म रक्‍त से अपना कलेजा ठण्‍डा कर रहा है। और तुर्की सेनापति एक लाख सिपाहियों के साथ तैमूरी तेज के सामने अपनी किस्‍मत का फैसला सुनने के लिए खडा है।

तैमूर ने विजय से भरी आखें उठाई और सेनापति यजदानी की ओर देख कर सिंह के समान गरजा– क्‍या चाहतें हो ज़िन्‍दगी या मौत ।

यजदानी ने गर्व से सिर उठाकार कहा’- इज्‍जत की जिन्‍दगी मिले तो जिन्‍दगी, वरना मौत।

तैमूर का क्रोध प्रचंण्‍ड हो उठा उसने बडे-बडे अभिमानियों का सिर निचा कर दिया था। यह जबाब इस अवसर पर सुनने की उसे ताव न थी । इन एक लाख आदमियों की जान उसकी मुठठी में है। इन्‍हें वह एक क्षण में मसल सकता है। उस पर इतना अभ्‍िमान । इज्‍जत की जिदन्‍गी । इसका यही तो अर्थ हैं कि गरीबों का जीवन अमीरों के भोग-विलास पर बलिदान किया जाए वही शराब की मजजिसें, वही अरमीनिया और काफ की परिया। नही, तैमूर ने खलीफा बायजीद का घमंड इसलिए नहीं तोडा है कि तुर्को को पिर उसी मदांध स्‍वाधीनता में इस्‍लाम का नाम डुबाने को छोड दे । तब उसे इतना रक्‍त बहाने की क्‍या जरूरत थी । मानव-रक्‍त का प्रवाह संगीत का प्रवाह नहीं, रस का प्रवाह नहीं-एक बीभत्‍स दश्‍य है, जिसे देखकर आखें मु‍ह फेर लेती हैं दश्‍य सिर झुका लेता है। तैमूर हिंसक पशु नहीं है, जो यह दश्‍य देखने के लिए अपने जीवन की बाजी लगा दे।

वह अपने शब्‍दों में धिक्‍कार भरकर बोला-जिसे तुम इज्‍जत की जिन्‍दगी कहते हो, वह गुनाह और जहन्‍नुम की जिन्‍दगी है।

यजदानी को तैमूर से दया या क्षमा की आशा न थी। उसकी या उसके योद्वाओं की जान किसी तरह नहीं बच सकती। पिर यह क्‍यों दबें और क्‍यों न जान पर खेलकर तैमूर के प्रति उसके मन में जो घणा है, उसे प्रकट कर दें ? उसके एक बार कातर नेत्रों से उस रूपवान युवक की ओर देखा, जो उसके पीछे खडा, जैसे अपनी जवानी की लगाम खींच रहा था। सान पर चढे हुए, इस्‍पात के समान उसके अंग-अंग से अतुल कोध्र की चिनगारियों निकल रहीं थी। यजदानी ने उसकी सूरत देखी और जैसे अपनी खींची हुई तलवार म्‍यान में कर ली और खून के घूट पीकर बोला-जहापनाह इस वक्‍त फतहमंद हैं लेकिन अपराध क्षमा हो तो कह दू कि अपने जीवन के विषय में तुर्को को तातरियों से उपदेश लेने की जरूरत नहीं। पर जहा खुदा ने नेमतों की वर्षा की हो, वहा उन नेमतों का भोग न करना नाशुक्री है। अगर तलवार ही सभ्‍यता की सनद होती, तो गाल कौम रोमनों से कहीं ज्‍यादा सभ्‍य होती।

तैमूर जोर से हसा और उसके सिपाहियों ने तलवारों पर हाथ रख लिए। तैमूर का ठहाका मौत का ठहाका था या गिरनेवाला वज्र का तडाका ।

तातारवाले पशु हैं क्‍यों ?

मैं यह नहीं कहता।

तुम कहते हो, खुदा ने तुम्‍हें ऐश करने के लिए पैदा किया है। मैं कहता हू, यह कुफ्र है। खुदा ने इन्‍सान को बन्‍दगी के लिए पैदा किया है और इसके खिलाफ जो कोई कुछ करता है, वह कापिर है, जहन्‍नुमी रसूलेपाक हमारी जिन्‍दगी को पाक करने के लिए, हमें सच्‍चा इन्‍सान बनाने के लिए आये थे, हमें हरा की तालीम देने नहीं। तैमूर दुनिया को इस कुफ्र से पाक कर देने का बीडा उठा चुका है। रसूलेपाक के कदमों की कसम, मैं बेरहम नहीं हू जालिम नहीं हू, खूखार नहीं हू, लेकिन कुफ्र की सजा मेरे ईमान में मौत के सिवा कुछ नहीं है।

उसने तातारी सिपहसालार की तरफ कातिल नजरों से देखा और तत्‍क्षण एक देव-सा आदमी तलवार सौतकर यजदानी के सिर पर आ पहुचा। तातारी सेना भी मलवारें खीच-खीचकर तुर्की सेना पर टूट पडी और दम-के-दम में कितनी ही लाशें जमीन पर फडकने लगीं।

सहसा वही रूपवान युवक, जो यजदानी के पीछे खडा था, आगे बढकर तैमूर के सामने आया और जैसे मौत को अपनी दोनों बधी हुई मुटिठयों में मसलता हुआ बोला-ऐ अपने को मुसलमान कहने वाले बादशाह । क्‍या यही वह इस्‍लाम की यही तालीम है कि तू उन बहादुरों का इस बेददी से खून बहाए, जिन्‍होनें इसके सिवा कोई गुनाह नहीं किया कि अपने खलीफा और मुल्‍कों की हिमायत की?

चारों तरफ सन्‍नाटा छा गया। एक युवक, जिसकी अभी मसें भी न भीगी थी; तैमूर जैसे तेजस्‍वी बादशाह का इतने खुले हुए शब्‍दों में तिरस्‍कार करे और उसकी जबान तालू से खिचवा ली जाए। सभी स्‍तम्‍भित हो रहे थे और तैमूर सम्‍मोहित-सा बैठा , उस युवक की ओर ताक रहा था।

युवक ने तातारी सिपाहियों की तरफ, जिनके चेहरों पर कुतूहलमय प्रोत्‍साहन झलक रहा था, देखा और बोला-तू इन मुसलमानों को कापिर कहता है और समझाता है कि तू इन्‍हें कत्‍ल करके खुदा और इस्‍लाम की खिदमत कर रहा है ? मैं तुमसे पूछता हू, अगर वह लोग जो खुदा के सिवा और किसी के सामने सिजदा नहीं करतें, जो रसूलेपाक को अपना रहबर समझते हैं, मुसलमान नहीं है तो कौन मुसलमान हैं ?मैं कहता हू, हम कापिर सही लेकिन तेरे तो हैं क्‍या इस्‍लाम जंजीरों में बंधे हुए कैदियों के कत्‍ल की इजाजत देता है खुदाने अगर तूझे ताकत दी है, अख्‍ितयार दिया है तो क्‍या इसीलिए कि तू खुदा के बन्‍दों का खून बहाए क्‍या गुनाहगारों को कत्‍ल करके तू उन्‍हें सीधे रास्‍ते पर ले जाएगा। तूने कितनी बेहरमी से सत्‍तर हजार बहादुर तुर्को को धोखा देकर सुरंग से उडवा दिया और उनके मासूम बच्‍चों और निपराध स्‍त्रियों को अनाथ कर दिया, तूझे कुछ अनुमान है। क्‍या यही कारनामे है, जिन पर तू अपने मुसलमान होने का गर्व करता है। क्‍या इसी कत्‍ल, खून और बहते दरिया में अपने घोडों के सुम नहीं भिगोए हैं, बल्‍िक इस्‍लाम को जड से खोदकर पेक दिया है। यह वीर तूर्को का ही आत्‍मोत्‍सर्ग है, जिसने यूरोप में इस्‍लाम की तौहीद फैलाई। आज सोपिया के गिरजे में तूझे अल्‍लाह-अकबर की सदा सुनाई दे रही है, सारा यूरोप इस्‍लाम का स्‍वागत करने को तैयार है। क्‍या यह कारनामे इसी लायक हैं कि उनका यह इनाम मिले। इस खयाल को दिल से निकाल दे कि तू खूरेजी से इस्‍लाम की खिदमत कर रहा है। एक दिन तूझे भी परवरदिगार के सामने कर्मो का जवाब देना पडेगा और तेरा कोई उज्र न सुना जाएगा, क्‍योंकि अगर तूझमें अब भी नेक और बद की कमीज बाकी है, तो अपने दिल से पूछ। तूने यह जिहाद खुदा की राह में किया या अपनी हविस के लिए और मैं जानता हू, तूझे जसे जवाब मिलेगा, वह तेरी गर्दन शर्म से झुका देगा।

खलीफा अभी सिर झुकाए ही थी की यजदानी ने कापते हुए शब्‍दों में अर्ज की-जहापनाह, यह गुलाम का लडका है। इसके दिमाग में कुछ पितूर है। हुजूर इसकी गुस्‍ताखियों को मुआफ करें । मैं उसकी सजा झेलने को तैयार हूँ।

तैमूर उस युवक के चेहरे की तरफ स्‍िथर नेत्रों से देख रहा था। आप जीवन में पहली बार उसे निर्भीक शब्‍दों के सुनने का अवसर मिला। उसके सामने बडे-बडे सेनापतियों, मंत्रियों और बादशाहों की जबान न खुलती थी। वह जो कुछ कहता था, वही कानून था, किसी को उसमें चू करने की ताकत न थी। उसका खुशामदों ने उसकी अहम्‍मन्‍यता को आसमान पर चढा दिया था। उसे विश्‍वास हो गया था कि खुदा ने इस्‍लाम को जगाने और सुधारने के लिए ही उसे दुनिया में भेजा है। उसने पैगम्‍बरी का दावा तो नहीं किया, पर उसके मन में यह भावना दढ हो गई थी, इसलिए जब आज एक युवक ने प्राणों का मोह छोडकर उसकी कीर्ति का परदा खोल दिया, तो उसकी चेतना जैसे जाग उठी। उसके मन में क्रोध और हिंसा की जगह ऋद्वा का उदय हुआ। उसकी आंखों का एक इशारा इस युवक की जिन्‍दगी का चिराग गुल कर सकता था । उसकी संसार विजयिनी शक्‍ित के सामने यह दुधमुहा बालक मानो अपने नन्‍हे-नन्‍हे हाथों से समुद्र के प्रवाह को रोकने के लिए खडा हो। कितना हास्‍यास्‍पद साहस था उसके साथ ही कितना आत्‍मविश्‍वास से भरा हुआ। तैमूर को ऐसा जान पडा कि इस निहत्‍थे बालक के सामने वह कितना निर्बल है। मनुष्‍य मे ऐसे साहस का एक ही स्‍त्रोत हो सकता है और वह सत्‍य पर अटल विश्‍वास है। उसकी आत्‍मा दौडकर उस युवक के दामन में चिपट जाने ‍के लिए अधीर हो गई। वह दार्शनिक न था, जो सत्‍य में शंका करता है वह सरल सैनिक था, जो असत्‍य को भी विश्‍वास के साथ सत्‍य बना देता है।

यजदानी ने उसी स्‍वर में कहा-जहापनाह, इसकी बदजबानी का खयाल न फरमावें।

तैमूर ने तुरंत तख्‍त से उठकर यजदानी को गले से लगा लिया और बोला-काश, ऐसी गुस्‍ताखियों और बदजबानियों के सुनने का पहने इत्‍तफाक होता, तो आज इतने बेगुनाहों का खून मेरी गर्दन पर न होता। मूझे इस जबान में किसी फरिश्‍ते की रूह का जलवा नजर आता है, जो मूझ जैसे गुमराहों को सच्‍चा रास्‍ता दिखाने के लिए भेजी गई है। मेरे दोस्‍त, तुम खुशनसीब हो कि ऐस फरिश्‍ता सिफत बेटे के बाप हो। क्‍या मैं उसका नाम पूछ सकता हूँ।

यजदानी पहले आतशपरस्‍त था, पीछे मुसलमान हो गया था , पर अभी तक कभी-कभी उसके मन में शंकाए उठती रहती थीं कि उसने क्‍यों इस्‍लाम कबूल किया। जो कैदी फासी के तख्‍ते पर खडा सूखा जा रहा था कि एक क्षण में रस्‍सी उसकी गर्दन में पडेगी और वह लटकता रह जाएगा, उसे जैसे किसी फरिश्‍ते ने गोद में ले लिया। वह गदगद कंठ से बोला-उसे हबीबी कहते हैं।

तैमूर ने युवक के सामने जाकर उसका हाथ पकड़ लिया और उसे ऑंखों से लगाता हुआ बोला-मेरे जवान दोस्‍त, तुम सचमुच खुदा के हबीब हो, मैं वह गुनाहगार हू, जिसने अपनी जहालत में हमेशा अपने गुनाहों को सवाब समझा, इसलिए कि मुझसे कहा जाता था, तेरी जात बेऐब है। आज मूझे यह मालूम हुआ कि मेरे हाथों इस्‍लाम को कितना नुकसान पहुचा। आज से मैं तुम्‍हारा ही दामन पकडता हू। तुम्‍हीं मेरे खिज्र, तुम्‍ही मेंरे रहनुमा हो। मुझे यकीन हो गया कि तुम्‍हारें ही वसीले से मैं खुदा की दरगाह तक पहुच सकता हॅ।

यह कहते हुए उसने युवक के चेहरे पर नजर डाली, तो उस पर शर्म की लाली छायी हुई थी। उस कठोरता की जगह मधुर संकोच झलक रहा था। क्युकी वह लड़को के भेष में एक लड़की थी। यही हबीब तैमूर की बेगम हमीदों के नाम से मशहूर है।

कृपया ध्यान दे – यह कहानी मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित “दिल की रानी” का एक भाग है. उनकी किताब में सम्पूर्ण कहानी है। जिसे आप ऑनलाइन खरीद सकते है।

गूगल क्वेश्चन हब क्या है? और कैसे Use करे। – Google Question Hub in Hindi

0

हमारे देश में हिंदी blogs पर काम करने वाले blogger बहुत कम है लेकिन Google ने हिंदी blogs को बढ़ावा देने के लिए एक नया Tool launch किया है जिसे Google Question Hub कहते है|

यह बिल्कुल free tool है| इस प्रकार का free tool हिंदी blogger के लिए पहले उपलब्ध नहीं था| इस tool की help से उन topics के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है जिसे user google में सबसे ज्यादा search करते है|

तो आइए जानते है Google Question Hub tool Kya hai? और Google Question Hub Kaise Kaam Karta hai और Google Question Hub tool से अपने Hindi Blog को Famous करे।

 गूगल क्वेश्चन हब क्या है? – Google Question Hub Kya Hai?

यह tool मुख्यतः bloggers के लिए बनाया गया है जिसका उद्देश्य user के उन सवालों का जवाब देना है जिसे वे google पर सबसे ज्यादा search करते है| इस tool से blogger को यह पता चलता है कि user किन topics को ज्यादा search करते है ताकि blogger उन्ही topic पर article लिख सके|

क्योंकि इस tool को launch हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है इसलिए यह पूर्णत: विकसित नहीं है| भविष्य में इसमें बहुत से feature ओर add किये जा सकते है|

 गूगल क्वेश्चन हब की शुरुआत कब और क्यों की गई? (Google Question Hub Kab Shuru Hua? ) –

Google Question Hub Tool को 14 दिसम्बर 2018  में Delhi के Pullman hotel में launch किया गया था| जिसमे 400 से ज्यादा Bloggers व YouTuber ने अपना योगदान दिया|

इस tool की शुरुआत इसलिए की गई ताकि blogger को user द्वारा सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले questions के बारे में आसानी से पता चल सके और वे user के इन सवालों के जवाब सही तरीके से दे सके|

गूगल क्वेश्चन हब को ज्वाइन कैसे करे? (Google Question Hub ko Kaise Join Kare?)

इसे join करने के लिए आपको कुछ steps follow करनी होगी जो इस प्रकार है-

  • सबसे पहले google.com पर Google Question Hub par Register करे|
  • दो option सामने आएंगे login व signup के|
  • Sign up के option में Express Your Interest To Use Question Hub Here पर click करे|
  • अब आपके सामने Email inbox open होगा जिसमे Email send का option आएगा|
  • जिसमे अपना पूरा नाम, email तथा website link add करके question hub के email पर send करना होगा|
  • Email भेजने के कुछ दिन बाद Question Hub में sign up करने के लिए एक email आएगा,जिससे आप Question Hub में account बना सके|

गूगल क्वेश्चन हब टूल को कैसे इस्तेमाल करे ( Google Question Hub Tool ko Kaise Istemaal Kare?)

Question Hub का use करना बहुत ही आसान है| इसके लिए सबसे पहले इसे अपने email और password का use करके login करना होगा|

इसके बाद Question Hub के home page पर Add Question पर click करके question add कर ले| फिर question के side में उपस्थित Answer button पर click करे|

अब अपने article का link submit करे| इस प्रकार आपके question का answer submit हो जाएगा| इस तरह आप Question Hub का use कर सकते हो|

गूगल क्वेश्चन हब टूल कैसे काम करता है? ( Google Question Hub Kaise Kaam Karta Hai?)

जब कोई user अपने question का answer google में search करता है तो वहाँ पर एक feedback का option आता है| जहाँ पर अपने question को paste करते है|

जब कोई user इस feedback के box में अपने question को type करके submit करता है तो यह question, Question Hub tool में add हो जाता है|

आप एक बार में 5 question को एक साथ add कर सकते है तथा इसके साथ आपके पास 100 question का एक quota भी रहता है| आप जैसे-जैसे अपने question को submit या reject करेगें ,वैसे-वैसे आपका quota पूरा होता जाएगा|

Question Hub tool सभी questions को अलग-अलग categories में बांट देता है जिससे blogger को answer देने में आसानी हो| ऐसा करने से user category के अनुसार या फिर keyword के द्वारा भी अपने question का answer search कर सकता है|

तो इस प्रकार से Question Hub tool कार्य करता है|

Google Question Hub के Benefit क्या है?

  • इस tool की help से user के questions को आसानी से solve कर सकते है|
  • Blogger को article लिखने के लिए बहुत से topic मिल जाते है|
  • इस tool की help से आप अपने blog के traffic और SEO rank को बढ़ा सकते है|
  • इस tool की help से blogger अपने content की quality को भी बढ़ा सकते है|
  • इसकी help से ऐसे keyword का data मिलता है जो google पर पहले मौजूद नहीं होता है|

Google Question Hub के महत्वपूर्ण Option –

Question Hub tool में use होने वाले महत्वपूर्ण option निम्नानुसार है :-

  • Topic : इस option की help से आप question के topic select कर सकते है|
  • Questions : इस option की help से आप जितने भी topic है उसके question select कर सकते है| यहाँ पर सभी questions  की list show होती है और आप यहाँ पर सभी question के answer देते हो तथा जिनके answer नहीं देने है उन्हें reject भी कर सकते हो|
  • Send Feedback : अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो आप इस option की help से Question Hub की team से संपर्क कर सकते है|
  • History : इस option की help से आप उन question को देख सकते है जिनके आपने answer दिए है और जिन्हें आपने reject किया है|
  • Question Count : इस option की help से आप अपने द्वारा add किये गये question को देख सकते है और track भी कर सकते है|
  • See Question : इस option में आप add किये सभी questions को एक साथ देख सकते है|
  • Setting : इस option की help से आप primary language व question language को बदल सकते है , activity व history को delete कर सकते है ,account को reset कर सकते है ,अपनी सभी activity को CSV file से export ,download और save भी कर सकते है|

तो दोस्तों अब आप अच्छे से समझ गये होंगे कि Google Question Hub tool होता क्या है और इसे join कैसे करते है? इसलिए इस जानकारी का लाभ उठाकर इस tool को join जरुर करे|

1,200फॉलोवरफॉलो करें
533फॉलोवरफॉलो करें
54फॉलोवरफॉलो करें
You cannot copy content of this page