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Know, Why not? You should not stand and Eat Food according to Ayurveda (Hindu Culture)

जैसा कि हम जानते है अच्छे स्वास्थ के लिए संतुलित व उत्तम भोजन बहुत ही जरुरी होता है| लेकिन क्या आपको इस बात की भी जानकारी है कि अगर संतुलित भोजन को भी सही तरीके से या सही ढंग से बैठकर न खाया जाये तो वह हानि भी पहुंचा सकता है| जिसका हमारे स्वास्थ पर या हमारे जीवन पर गलत असर पड़ सकता है| आज हम आपको इसी से संबंधित कुछ विशेष जानकारी इस लेख के मध्याम से देना चाहते है|
आज के इस आधुनिक युग में पुराने रीति-रिवाज ,पुरानी संस्कृति सभी कुछ पीछे छूटती जा रही है| हर चीज में तेजी से बदलाव हो रहा है व होता ही चला जा रहा है| इन सभी बदलावों के बीच में एक सबसे बड़ा बदलाव हुआ है खाना खाने के तरीके में बदलाव|
पहले के जमाने में आपने देखा होगा कि लोग नीचे आसन डालकर बैठते थे फिर खाना खाते थे| लेकिन आजकल किसी के पास इतना टाइम नहीं है कि वे नीचे आसन पर बैठकर खाना खा सके| आजकल लोग कुर्सी-टेबल ,खड़े होकर या बिस्तर पर बैठकर भोजन करना पसंद करते है| आप लोगों ने देखा होगा कि शादियों में भी बैठकर खाना खिलाने वाला सिस्टम बंद हो गया है अब केवल खड़े होकर या टेबल-कुर्सी पर बैठकर ही लोग भोजन करना पसंद करते है| शास्त्रों के अनुसार जो लोग खड़े होकर या बिस्तर पर बैठकर खाना खाते है उनके घर हमेशा अशांति बनी रहती है ,और घर में लक्ष्मी का वास भी नहीं रहता है| उसी प्रकार वैज्ञानिकों के अनुसार भी बिस्तर पर बैठकर भोजन करना स्वास्थ के लिए हानिकारक होता है| क्योंकि जब हम भोजन करते है तो भोजन करते समय हमारे लीवर से गर्मी निकलती है| और इस गर्मी का शरीर से बाहर निकलना बहुत जरुरी होता है नहीं तो ये शरीर में रहकर शरीर को हानि पहुंचा सकती है|
जब हम बिस्तर पर बैठकर खाना खाते है तो लीवर से निकलने वाली गर्मी ,बिस्तर पर रुई की परत होने के कारण शरीर से बाहर नहीं निकल पाती है जो हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारियों की वजह बनती है जिसके कारण हमारा लीवर भी कमजोर हो जाता है| लेकिन जब हम खाने को जमीन पर बैठकर खाते है तो लीवर से निकलने वाली गर्मी शरीर के मध्याम से जमीन में चली जाती है और हमारा शरीर भी स्वस्थ रहता है| इसीलिए हमें हमेशा नीचे बैठकर ही खाना ,खाना चाहिए|
यहाँ पर शास्त्रों के अनुसार कुछ बातें बता रहे है जो आपको ध्यान रखनी चाहिए जैसे –
• भोजन करने से पहले हमेशा हाथ-पैर धोना चाहिए ताकि हमारे हाथों में किसी भी प्रकार के कीटाणु न रहे| और ऐसा करने से शास्त्रों के अनुसार आयु में भी वृध्दि होती है|
• भोजन करने से पहले अन्न देवता को प्रणाम करना चाहिए|
• भोजन प्रारम्भ करने से पहले अपनी थाली में से थोड़ा सा भोग निकाल देना चाहिए ,और इस भोग को गाय को खिला देना चाहिए ऐसा करने से देवी-देवता प्रसन्न होते है और घर में लक्ष्मी का वास रहता है|
• भोजन करते समय भोजन की निंदा नहीं करनी चाहिए ऐसा करने से अन्न का अपमान होता है|
• हमेशा सही दिशा में बैठकर ही भोजन ग्रहण करना चाहिए जैसे पूर्व व उत्तर|
• भोजन हमेशा शांत मन के साथ ही करना चाहिए अगर मन अशांत रहेगा तो भोजन अच्छे से नहीं पचेगा तथा कई सारी बीमारियाँ शरीर में उत्पन्न हो जायेंगी|
• भोजन बिस्तर पर बैठकर या खड़े होकर कभी नहीं करना चाहिए क्यों नहीं करना चाहिए इसका कारण हमने आपको ऊपर बताया है|
• आयुर्वेद के अनुसार पशुओं को खड़े होकर भोजन करने की अनुमति है मनुष्यों को नही है. मनुष्य को बेठकर ही खाना चाहिए
आज जहाँ सारा विश्व भारतीय संस्कृति का लोहा मानता है, वही कुछ पढ़े लिखे लोग हमारी भारतीय संस्कृति को मिटाने में लगे हुए, जबकि उनका ही सबसे बड़ा कर्तव्य है की अपनी संस्कृति का विस्तार करना चाहिए.
क्या कोई है ऐसा, जो अमेरिका में रहता हो और वो वहां अपनी शादी समारोह इत्यादि में जमीन पर बैठ कर अपने संस्कार सहित खाने की व्यवस्था करे. नहीं होगा. वो खुद वहां पर खड़े होकर खाने की व्यवस्था करेगा मतलब अपनी संस्कृति छोड़कर उनकी नक़ल करेगा और भारत में आकर उन्ही की संस्कृति के हिसाब से दिखावा करेगा.
जबकि चीन में ऐसा नहीं होता, वो भी हमारा पडोशी देश है वहां के लोग क्यों नहीं .लकड़ी की चम्मच नुमा कांटे छोड़कर प्लास्टिक या स्टील का चम्मच इस्तेमाल करते. वहां के लोग संस्कृति आज भारत से कही आगे, और भारतीय अपनी खुद की पहचान नष्ट करने में लगे पढ़े है.
अपनी संस्कृति बनाये रखे, नक़ल करना छोड़ दे क्युकी आप सर्कस के बंदर नहीं है .

 

 

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