Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

6 महीने से पहले शिशु को खाना व पानी क्यों नहीं देना चाहिए (Why should not feed and water the baby before 6 months?) (Baby Health Myths Every Parent Should Know)

नवजात शिशु का सही तरीके से ध्यान रखना बहुत जरुरी होता है ,क्योंकि वे बहुत ही नाजुक और कोमल होते है बिल्कुल एक फूल की कली की तरह ,अगर फूल की कली को सही देखरेख व पोषण न मिले तो वह मुरझा जाती है और खिल नहीं पाती है| उसी प्रकार नवजात शिशु भी होता है ,अगर हम इसका सही से पालन-पोषण व देखभाल नहीं कर पाते है तो वह कुपोषण का शिकार हो जाता है| इसलिए ये बहुत जरुरी है कि प्रत्येक माता-पिता को यह पता होना चाहिए कि शिशु को 6 महीने तक क्या आहार देना चाहिए और क्या नहीं?

जब तक बच्चा 6 महीने का न हो जाये तब तक उसे पानी व ठोस आहार नहीं देना चाहिए ,क्योंकि ऐसा करने से बच्चा कुपोषण का शिकार हो सकता है और उसके स्वास्थ को नुकसान पहुँच सकता है| आपने देखा होगा कि हमारे घर के बुजुर्ग इस बात को नहीं मानते है और वह बच्चे को चम्मच से एक दो बूंद पानी पिला ही देते है| और बहुत से लोग तो ऐसे भी होते है जो शिशु को 6 महीने का भी नहीं होने देते है और उन्हें पतली खिचड़ी या दलिया देना चालू कर देते है| लेकिन ऐसा करना बहुत गलत होता है क्योंकि इससे होने वाले नुकसान की जानकारी उन लोगों को नहीं होती है| आज हम आपको इसी से संबंधित जानकारी देने जा रहे है –

शिशु को 6 महीने तक पानी व भोजन क्यों न दे ? (Why not give the baby water and food for 6 months?)

जैसा कि हम जानते है जब बच्चा पैदा होता है तो बच्चे को माँ का दूध ही पिलाया जाता है| क्योंकि माँ के दूध में कोलोस्ट्रम होता है जो बच्चे को आवश्यक पोषण प्रदान करता है और उसे हर प्रकार के संक्रमण से लड़ने की क्षमता देता है| और पानी की पूर्ति भी करता है इसलिए शिशु को पानी देने की आवश्यकता नहीं होती है| लेकिन जिन बच्चों को 6 महीने से पहले पानी दे दिया जाता है तो उनमे ओरल वाटर इंटोक्सिकेशन की समस्या हो सकती है जो कि बच्चे के दिमाग पर बुरा असर डाल सकती है| तथा 6 महीने से पहले पानी देने से बच्चे का लीवर भी खराब हो सकता है क्योंकि सीधे नल से आने वाले पानी में बहुत से कीटाणु होते है और नवजात शिशु में इन कीटाणुओं से लड़ने की क्षमता नहीं होती है| इसलिए जब आप बच्चे को 6 महीने के होने के बाद भी पानी पिलाये तो पानी को हमेशा उबालकर ही पिलाये क्योंकि ऐसा करने से उसके अंदर के कीटाणु नष्ट हो जाते है| तथा ध्यान रखे जब पानी देना चालू करे तो थोड़ा-थोड़ा कर के ही पिलाये| ऐसा करने से बच्चे को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचता है|

उसी प्रकार से बच्चे को 6 महीने तक ठोस भोजन भी नहीं देना चाहिए क्योंकि 6 महीने के बच्चे का पाचन तंत्र इतना विकसित नहीं होता है कि वह ठोस भोजन को पचा सके| अगर बच्चे को ठोस भोजन देते है तो वह उसके अविकसित पाचन तंत्र पर अधिक दबाव डालता है| जिसके कारण लीवर से संबंधित अनेक प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है| नवजात शिशु के अंदर रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है इसलिए उन्हें खाने से भी एलर्जी हो सकती है| और भी अनेक कारणों से 6 महीने तक बच्चे को भोजन नहीं देना चाहिए जैसे –

  • ठोस भोजन के अंदर उतने पोषक तत्व नहीं होते है जितने की माँ के दूध में होते है| क्योंकि भोजन में कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है जो कि आगे चलकर बच्चों में मोटापे की समस्या को पैदा करती है| इस कारण से 6 महीने से पहले बच्चे को भोजन नहीं देना चाहिए|
  • अगर हम नवजात शिशु को भोजन देते है तो वह उसके गले में भी अटक सकता है जिससे उसके प्राण भी जा सकते है|
  • 6 महीने से कम उम्र का बच्चा भोजन को अन्दर निगल नहीं पाता है|
  • भोजन से बच्चे को गैस ,एलर्जी और उलटी की समस्या उत्पन्न हो सकती है|

अगर आप इस सभी समस्याओ से अपने बच्चे को दूर रखना चाहते है तो 6 महीने तक अपने बच्चे को केवल माँ का दूध ही पिलाए ताकि आपका बच्चा हमेशा स्वस्थ व रोगमुक्त रहे| और अपने आसपास के लोगों को ऐसा करने से रोके|

This Post sent by “Sheelu Rajawat” 🙂

 

Tags : 1 year baby health tips, baby health tips in hindi, baby health tips hindi, baby health tips, baby care tips for new moms, baby health food,

Sponsored

Leave a comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.