भारत के हलवाई जो खौलते तेल में हाथो से तलते है पकोड़े या मछली को – अजब गजब

भारत में जो अजब गजब कहानियां सुनने को मिलती है वो शायद ही आपको दुनिया में मिले. आज हम आपको भारत के ऐसे हलवाईयो से मिलवाएगे जो अपने हाथो से गर्म तेल में पकोड़ा या मछली फ्री बना लेते है. हुई न हैरानी, तो चलिए जानते है इनके बारे में.

इलाहाबाद के रामबाबू हलवाई :

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में ऐसे ही एक अजब-गजब हलवाई हैं, जिनका नाम राम बाबू है। राम बाबू में ऐसी सुपर पॉवर है कि वे खौलते तेल से बिना किसी हिचक के पकौड़े निकाल लेते हैं।

राम बाबू कहते हैं, ‘लोग दूर-दूर से मुझे बिना अपने हाथ जलाए हुए पकौड़े छानते हुए देखने के लिए यहां आते हैं। मैं पिछले 40 साल से ज्यादा समय से ऐसा कर रहा हूं और आज तक कभी नहीं जला, कभी मेरे हाथ पर फफोले नहीं बने।’

ग्राहक तो ग्राहक राम बाबू की इस प्रतिभा से डॉक्टर भी हैरान हैं। राम बाबू कहते हैं, ‘जैसे-जैसे मैं मशहूर हुआ तो कुछ डॉक्टरों ने भी मुझसे संपर्क किया और वे मुझ पर रिसर्च करना चाहते हैं। कुछ लोग मेरी त्वचा के सैंपल भी लेकर गए हैं। लेकिन कुछ भी असाधारण नहीं मिला। मैं नहीं जानता कि मैं ऐसा क्यों हूं। लेकिन जब तक मुझे कोई नुकसान नहीं पहुंच रहा और मेरी इस क्षमता से मेरी कमाई हो रही है तो मैं खुशी-खुशी हाथ से पकौड़े छानता रहूंगा।’  रामबाबु सड़क के किनारे अपना एक ठेला दुकान लगाते है.

वैसे आप चाहे तो YouTube पर इनका विडियो भी देख सकते है जिसे सम्मानीय “CATERS TV” के चैनल पर उपलव्ध है. विडियो देखने के लिए क्लिक करे 


दुसरे है दिल्ली के प्रेम सिंह जी :
ठीक यही सुपर पॉवर है दिल्ली के करोलबाग में पकोड़े, समोसा और मछली फ्राई बनाने वाले प्रेम सिंह में. ये करोल बाग़ में “गणेश रेस्ट्रोरेन्ट” चलाते है, शुरू में प्रेम सिंह केवल मछली फ्राई ही बनाते थे लेकिन अब इनके पास एक अच्छा खासा मेनू है, और लोग इनके बने पकोड़े, फिश फ्राई और इनकी सुपर पॉवर देखने के लिए लाइन में लगे रहते है. ये महानुभाव भी गरमा गर्म तेल से ऐसे पकोड़े निकालते है जैसे पानी में से निकाल रहे हो.

और अगर इनका भी चाहे तो YouTube पर  विडियो भी देख सकते है जिसे सम्मानीय “HISTORY TV18” के चैनल पर उपलव्ध है. विडियो देखने के लिए क्लिक करे 

इनकी खबर को देश के बड़े बड़े समाचार पत्र जैसे डेली न्यूज़, दैनिक भास्कर, आदि ने प्रमुखता से छापा है अब तो विदेशी मीडिया में इस आश्चर्य को कवर करने में लगा है. खैर ये चमत्कार है या कुछ और पर है तो अजब गजब. वैसे आपको बता दे की विज्ञानं के हिसाब से हर जीवित प्राणी आपने आपको किसी भी बातावरण के अनुसार धीरे धीरे ढाल सकता है वशर्ते वो उस वातावरण में लगातार रहे.

पर हम आप से निवेदन करते हैं कि वह ऐसी चीजें गलती से भी न दोहराएं, ऐसा करना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा हैइसे सिर्फ एक अजब गजब जानकरी के तौर पर लिया जाए.

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