अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था की "पानी का जहाज हमेशा किनारो पर ही सुरक्षित रहता है......पर वो किनारो के लिए नहीं बना है"

अगर जीतना है तो सबसे पहले हारना सीखो

आज कल हर कोई जीतना तो चाहता है पर हारना किसे पसंद है, पर ये में दावे के साथ कहता हु की अगर आपको जीतना है तो सबसे पहले हारना सीखे..

इसे ऐसे समझते है…
मान लो हम कोई खेल खेलते है जैसे की कब्बडी, लेकिन हम हारने के डर से मैदान में पहले नहीं उतरना चाहते. सोचते है की अगर हार गए तो सब हसेंगे. लोग क्या सोचेंगे..हम खुद को हीरो समझते है..बुरा लगेगा. लेकिन जो इंसान ये सोचकर खेलता है की ..हार और जीत जिंदगी के दो पहलू है एक तो मिलेगी ही. हारना तो है ही पर एक बार थोड़ा कोशिश करके देखते है.

हम लेट कैसे होते है ?
मान लो आपको ऑफिस समय पर पंहुचना है, और आपको बर्फीला ठंडा पानी दे दिया जाये नहाने को..अगर आप डरते है तो आप बैठे बैठे ५० तरह के बहाने बनायेगे ये जानते हुए भी की आप लेट हो रहे है…और आप वास्तव में ऑफिस बहुत लेट पहुचते है.

वही जिस व्यक्ति का डर पर काबू है वो ऐसे नहाता है जैसे की गर्म पानी से नहा रहा हो.. और आप ऑफिस समय पर पहुचते है.

अब अगर हम कोशिश नहीं करेगे तो हो सकता है की हम जिंदगी भर पश्चाताप करे की एक बार खेल कर देख लेते क्या पता में जीत जाता. वो हारने से भी बुरा रहता है जब तक आप जीवित है.

क्योंकि ध्यान रहे उम्र बीतने के साथ साथ ..हमारे जीतने की आशा काम होती जाती है. हम जिंदगी का बहुत सारा हिस्सा यही सोच कर बिता देता है की ..इस साल नहीं अगले साल में किसी काम शुरुआत करेंगे. फिर अगले साल हमारा डर हमें नए बहाने बना कर देता है. और उसी काम को फिर से अगले साल पर डाल देते है और हम हारने के डर से सही समय का इन्तजार करने लगते है. जबकि देखा जाय तो सही समय नाम की कोई चीज़ या समय होता ही नहीं है.

आपकी निरंतर मेहनत ही सही समय को आपके पास खींच कर लाएगी, ये विस्वास रखिये .

अब थोड़ा महान लोगो के बारे में जानते है ..और सोचते है की अगर वो डर गए होते तो क्या होता और वो महान कैसे बने.
हेनरी फोर्ड को तो आप जानते ही होंगे जो विश्व प्रसिद्द फोर्ड मोटर कंपनी के मालिक है, उनके बारे में कहा जाता है की वो ४ से ज्यादा बिज़नस में फ़ैल हुए थे. कोई और होता तो इतने बार फ़ैल होकर, मन का विश्वास खो देते या क़र्ज़ में डूबकर कही खो जाता. पर उन्हें जीतने से ज्यादा हराने में मज़ा आ रहा था और वो एक दिन जीत ही गए.

अगर और भी ज्यादा असफलता की बात करे तो थॉमस एल्वा एडिसन के बारे में बात करते है, कहा जाता है की वल्व बनाने के उनके १००० प्रयोग फ़ैल हुए थे, लेकिन उन्हें हराने में मज़ा आने लगा ..और एक दिन वो जीत ही गए और हमें जिंदगी में प्रकाश दे गए.

अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था की “पानी का जहाज हमेशा किनारो पर ही सुरक्षित रहता है……पर वो किनारो के लिए नहीं बना है”

तो इसलिए हारने का डर निकाल कर कोशिश करना चाहिए, क्योंकि बिना असफलता के सफलता मिलाना मुश्किल है. असफलता से डरना मतलब …आप समझ गए होंगे.

Sponsored

Subscribe us via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 178 other subscribers

Originally posted 2016-09-09 13:56:23.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.