ध्यान रहे शाम के बाद इन चीजों को न छूएं, लक्ष्मी होती है घर से दूर

हमारे शास्त्रों में मानव जीवन के नित्य कर्मो को कैसे निभाए तथा क्या सावधानी रखे ये साफ साफ बताया गया, हम किन चीज़ो से अपने भाग्य को जगा सकते है तथा किन चीज़ो से सावधानी रखकर बुरे नसीब से बचा जा सकता है. ऐसे ही ये भी एक कही सुनी बातें है जो शास्त्रों पर आधारित है. शाम ढ़लने के बाद कुछ चीजों को छूने की शास्त्रों में मना किया गया है। कहा जाता है कि इन्हें छूने से लक्ष्मी रूठ जाती है। तो आइए देखते कि वह कौन कौन सी चीजें हैं जिन्हें शाम के बाद नहीं छूना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पत्ते कुछ खास दिनों में नहीं तोड़ने चाहिए। ये दिन हैं एकादशी, रविवार और सूर्य या चंद्र ग्रहण काल। इन दिनों में और रात के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। बिना उपयोग तुलसी के पत्ते कभी नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करने पर व्यक्ति को दोष लगता है। अनावश्यक रूप से तुलसी के पत्ते तोड़ना, तुलसी को नष्ट करने के समान माना गया है। शाम की आरती के बाद तुलसी विश्राम कर रही होती है। ऐसे में संध्या आरती के बाद स्पर्श करने से इनके आराम में बाधा आती है जो सुख संपत्ति पर विपरीत असर डालने का काम करती है। यही कारण है कि संध्या के बाद ताली बजाकर तुलसी को जगानेऔर फिर पत्ते तोड़ने का विधान है। तुलसी का पौधा घर में उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाया जाना चाहिए। इन दिशाओँ में तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रदान करता है।

झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है क्योंकि यह गंदगी रूपी अलक्ष्मी को घर से बाहर करता है। शास्त्रों में कहा गया है कि झाड़ू का प्रयोग शाम ढ़लने के बाद नहीं करना चाहिए इससे धन की हानि होती है। आराम करती हुयी लक्ष्मी को आप नाराज कर सकते है.

शंख बजाने से देवता और धरती के अंदर मौजूद जीव भी जागृत हो जाते हैं। इसलिए दिन के समय पूजा में शंख बजाने का विधान है। शाम ढलने के बाद धरती के अंदर मैजूद जीव सो जाते हैं। शंख बजाने से उन्हें कष्ट होता है। देवताओं के आराम में भी बाधा आती है इसलिए शाम के बाद शंख नही बजाने का विधान है। इसलिए कहा जाता है कि शाम ढ़लने के बाद शंख का स्पर्श नहीं करना चाहिए।

केले के पेड़ को शास्त्रों में भगवान विष्णु का रूप माना गया है। इसी वजह से केले के पेड़ की पूजा गुरुवार को की जाती है। शाम के बाद भगवान के शयन का वक्त होता है। इसलिए अगर शाम के बाद केले के पेड़ को छूते हैं तो ऐसा माना जाता है कि उससे भगवान की निद्रा में व्यवधान उत्पन्न होता है और इसका नाकारात्मक प्रभाव पड़ता है ईशान कौण की दिशा में केले का पेड़ लगाया जाना शुभ बताया गया है। केले का पौधा वैसे वास्तु के साथ-साथ धार्मिक कारणों से भी महत्वपूर्ण बताया गया है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु जी की पूजा के साथ-साथ केले के पेड़ को भी पूजा जाता है। वास्तु के अनुसार भी यह पेड़ घर में सुख-शान्ति प्रदान करता है।

पीपल के पेड़ को शनिवार के अलावा किसी भी दिन नहीं छूना नहीं चाहिए। विशेष कर सोमवार के दिन और शाम ढलने के बाद तो इसे बिल्कुल स्पर्श करना नहीं करना चाहिए क्योंकि इस समय पीपल पर अलक्ष्मी का वास होता है। पीपल का वृक्ष वैराग्य लेकर आता है, इसलिए यह वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं होता। वास्तु के अनुसार, जिस घर में पीपल का पेड़ होता है वहां दंपत्ति के वैवाहिक जीवन में कई समस्याएं आती हैं।

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