बच्चो को गणित आसानी से कैसे पढाये या खुद पढ़े?

छोटे बच्चो को (2 से 5 साल ) गणित सीखने या सीखने के आसान तरीके:

गणित को लेकर बच्चो के मन में बहुत सारी गलत विचारधाराये शुरू से ही डाल दी जाती है कि गणित बहुत कठिन विषय है , यह बहुत ही नीरस है  और गणित के शिक्षक बहुत गंभीर होते है वे ज्यादा किसी से हँसते बोलते नहीं है | पर ऐसा नही है ये सब लोगों की अपनी निजी राय होती है बल्कि गणित तो एक ऐसा विषय होता है कि अगर आप को वह एक बार समझ में आ जाये तो आप उसे भूलते नहीं हों बल्कि गणित ही इकलौता ऎसा विषय है जिसमें शत-प्रतिशत अंक लाये जा सकते है और अपने रिजल्ट को ओर भी बेहतर किया जा सकता है| और वह लम्बे समय तक याद भी रहता है तथा गणित में आपकी रूचि बढ़ने लगती है |

ऐसा नहीं है कि पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चे गणित से पूर्णत: अनजान होते हैं। वे रूपया-पैसा समझते हैं, टॉफी और रोटियाँ गिन सकते हैं। वे दुकान से कुछ चीजों के खरीदने का अनुभव रखते हैं। इसके अलावा उन्हें कम–ज्यादा, हल्का–भारी ,बड़ा-छोटा व दूर–पास का भी कुछ-कुछ ज्ञान होता है। इतना जानने के बावजूद भी बच्चे इस विषय को लेकर चिंतित होते है और उसे सही से समझ नहीं पाते है इसका मतलब है कि कहीं न कहीं उस प्रक्रिया में कमी है, जिसके जरिए बच्चे का गणित से परिचय कराया जाता है। संभव है कक्षा में ठोस /परिचित वस्तुओं का प्रयोग न होने की वजह से बच्चे गणित की अमूर्तता से डर जाते  होंगे |

यदि बच्चों को माता-पिता या शिक्षक उनके प्रारम्भिक ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें उनके आसपास पाई जाने वाली वस्तुओं, चित्रों आदि के द्वारा रोचक ढ़ंग से गणित का अभ्यास कराया जाए, तो न सिर्फ वे आसानी से उसे ग्रहण करेंगे, बल्कि उनके मन में जो गणित के लिए डर है वह भी पूरी तरह से दूर हो जाएंगे।

बच्चो को गणित पढ़ाने या समझाने के आसान तरीकें -:

  • सबसे पहले हमे बच्चो को गणित का परिचय देना होगा और इसके लिए ये तरीका सबसे आसान है कि स्कूल आने वाला प्रत्येक बच्चा कंचे, गेंद, इमली के बीज, पैसों/सिक्कों से भलीभांति परिचित होता है। हम इनके द्वारा विभिन्न प्रकार के खेल खिलाते हुए बच्चों से गणित का परिचय करा सकते हैं। और जो उनकी समझ में आसानी से आ भी जायेगा |
  • हम चित्र के माध्यम से भी बच्चो को गणित आसानी से समझा सकते है जैसे – पेड़ पर बैठें 10 पंछी का चित्र बनाये और उसके बाद उसमे से 5 उड़ते पंछियों का चित्र अंकित करे और बच्चो से पूछे कि अब पेड़ पर कितने पंछी बचे है तो बच्चे इसका जबाव बहुत ही सरलता से और रूचि के साथ देगे |
  • कविता के माध्यम से भी हम बच्चो में गणित के प्रति रूचि उत्पन्न कर सकते है जैसे –

एक एक मिल होते दो ,

उठो सवेरे मुंह धो लो |

दो एक मिल होते तीन ,

आओं चलो बजाये बीन ||

इस प्रकार कि कई कविताओं और गानों के माध्यम से हम गणित को मनोरंजक बना सकते है |

  • इसके अलावा कहानी के माध्यम से भी हम बच्चो को गणित आसानी से सीखा सकते है और ऐसा करने से बच्चे बोर भी नहीं होते है जैसे –

“एक किसान के चार बच्चे है | उसमे से दो बच्चे बाजार चले गए तो घर पर कितने बच्चे बचे |”

तो सभी बालक बड़ी आसानी से इसका उत्तर दे देगे |

  • पहेली के माध्यम से भी हम बच्चो को आसानी से सीखा सकते है जैसे –

तीतर के दो आगे तीतर ,

तीतर के दो पीछे तीतर |

आगे तीतर , पीछे तीतर ,

बोलो कितने तीतर ?

  • हम कई प्रकार के खेल के माध्यम से भी बच्चो को गणित का ज्ञान दे सकते है जैसे –

एक छोटे से घेरे में ढ़ेर सारे कंचे रखें और थोड़ी दूरी से बच्चों को कंचे के द्वारा उसमें निशाना लगाने को कहें। निशाना लगाने पर जितने कंचे घेरे के बाहर चले जाएं, वे कंचे निशाना लगाने वाले बच्चेा को दे दें। वह उन्हेंन जोरजोर से बोल कर सबको बताए कि उसने कितने कंचे जीते। इस तरह जो बच्चा सबसे ज्यादा कंचे घेरे के बाहर निकाल ले, उसे विजेता घोषित करें।

इस प्रकार कई सारे खेल होते है जिसे खेल कर बच्चे आसानी से गणित को सीख सकते है

इन सभी तरीको को अपना कर आप अपने बच्चो को गणित आसानी से सीख सकते है ये सारे तरीके प्राथमिक स्तर के बच्चो को गणित सीखने के लिए बेस्ट होते है ऐसा करने से बच्चे खेल खेल में गणित आसानी से सीख लेते है | और उनके मन से गणित का डर भी निकल जाता है और वे बढ़े मजे के साथ उसे सीखते है |

जिस प्रकार छोटे बच्चो को आसान तरीको से गणित पढाया जा सकता है उसी प्रकार बड़े बच्चे भी अगर कुछ बातो को ध्यान में रखे तो उन्हें भी गणित आसान लगने लगेगा |

जैसे -:

  • गणित के सभी सूत्रों को अच्छे से याद कर ले क्योकि बिना सूत्र के गणित को हल नही किया जा सकता है |
  • बच्चे गणित को कभी भी याद न करे हमेशा उसकी प्रेक्टिस कापी पर करे और उसे अच्छे से समझे |
  • गणित एक ऐसा विषय है. जिसकी आप जितनी ज्यादा प्रैक्टिस करेंगे. आपको उतनी जल्दी  प्रश्न समझ में आ जायेंगे. इसलिए गणित विषय का डेली रिविशन करे. रोजाना रिविज़न करने से आपके प्रश्न हल करने की गति भी बढ़ेगी|
  • अगर कोई दोस्त आपसे गणित पूछे तो आप उसके गणित को हल करने में उसकी मदद अवश्य करे क्योकि ऐसा करने से आप के ज्ञान में और अधिक बढ़ोतरी होगी |

Vedic Mathematics Formulas (वैदिक गणित के सूत्र)

  1. Ekadhikena Purvena (एकाधिकेन पूर्वेण)

पहले से एक अधिक के द्वारा।

‘By one more than the previous one’

Corollary: Anurupyena

  1. Nikhilam navatascaramam Dasatah(निखिलम् नवतश्चरमं दशतः)

सभी नौ में से परन्तु अन्तिम दस में से।

‘All from nine and last from ten’

Corollary: Sisyate Sesasamjnah

  1. Urdhva – tiryagbhyam(ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम्)

सीधे और तिरछे दोनों प्रकार से।

‘Vertically and crosswise’

Corollary: Adyamadyenantyamantyena

  1. Paravartya Yojayet(परावर्त्य योजयेत्)

पक्षान्तरण कर उपयोग में लेना।

‘Transpose and apply’

Corollary: Kevalaih Saptakam Gunyat

  1. Sunyam SamyaSamuccaye(शून्यं साम्य समुच्चये)

समुच्चय समान होने पर शून्य होता हैं।

‘When the samuchayas are same, then it is Zero’

Corollary: Vestanam

  1. Anurupye – Shunyamanyat(आनुरूप्ये शून्यमन्यत्)

अनुरूपता होने पर दूसरा शून्य होता हैं।

‘If one is in ratio, the other one is zero’

Corollary: Vestanam

  1. Sankalana – Vyavakalanabhyam  (संकलन-व्यवकलनाभ्याम्)

जोड़कर और घटाकर।

‘By addition and subtraction’

Corollary: Yavadunam Tavadunikritya Vargancha Yojayet

  1. Puranapuranabhyam(पूरणापूरणाभ्याम्)

अपूर्ण को पूर्ण करके।

‘By completing’

Corollary: Antyayordashake’pi

  1. Chalana – Kalanabhyam (चलन-कलनाभ्याम्)

चलन-कलन के द्वारा।

‘By calculus’

Corollary: Antyayoreva

  1. Yavadunam(यावदूनम्)

जितना कम हो, अर्थात् विचलन।

‘By the deficiency’

Corollary: Samuccayagunitah

  1. Vyastisamastih(व्यष्टिसमष्टिः)

एक को पूर्ण तथा पूर्ण को एक मानते हुए।

‘Whole as one and one as whole’

Corollary: Lopanasthapanabhyam

  1. Sesanyankena charamena(शेषाण्यड्केन चरमेण)

अंतिम अंक से अवशेष को।

‘Reminder by the last digit’

Corollary: Vilokanam

  1. Sopantyadvayamantyam(सोपान्त्यद्वमन्त्यम्)

अन्तिम और उपान्तिम का दुगुना।

‘Ultimate and twice the penultimate’

Corollary: Gunitasamuccayah Samuccayagunitah

  1. Ekanyunena Purvena(एकन्यूनेन पूर्वेण)

पहले से एक कम के द्वारा।

‘By one less than the previous one’

Corollary: Dhwajanka

  1. Gunitasamuchayah(गुणितसमुच्चयः)

गुणितों का समुच्चय।

‘The whole product (The product of the sums)’

Corollary: Dwandwa Yoga

  1. Gunakasamuchayah(गुणकसमुच्चयः)

गुणकों का समुच्चय।

‘Set of multipliers (All the multipliers)’

Corollary: Adyam Antyam Madhyam

इन सभी बातो को ध्यान में रख कर यदि आप गणित पढ़ते है या किसी को पढ़ाते है तो अब गणित आप को बहुत ही आसान लगने लगेगा |